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Worksheets70.श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_17.01 -17.08
Total questions: 37
Worksheet time: 37mins
कृप्या यहाँ पर अपना नाम लिखे ?
कृप्या यहाँ पर अपना फोन नो. लिखे ?
कृप्या यहाँ पर अपना पता लिखे ?
कृप्या यहाँ पर अपनी आयु लिखे ?
कौन सा व्यक्ति कौन से प्रकार की पूजा करेगा ऐसा किस वस्तु पर आधारित है ?
संगति पर
प्रकृति के अर्जित गुणो पर
स्थान पर
उपरोक्त सभी
आध्यात्मिक प्रगति के लिए किसी विशेष मार्ग का पालन श्रद्धा पूर्वक करने से पूर्व साधक किस वस्तु पर ध्यान देना चाहिए ?
यह की मार्ग शास्त्र के अनुसार हो
यहाँ तक कि उस मार्ग का पालन बहुत सारे व्यक्ति करते हों
यह की वह मार्ग पालन करने में सहज हो
उपरोक्त सभी
शास्त्रों में आध्यात्मिक प्रगति के मार्गों में आगे बढ़ने के लिए निम्नलिखित में से कौन से गुण की सब से पहले आवश्यकता होती है ?
अनर्थों की कमी
श्रद्धा
सजगता
उपरोक्त सभी
अगर आत्मा परमेश्वर का अंश होने के कारण मूलतः तीन गुणो से परे है तो फिर जीव कैसे तीन गुणो में कैसे बंध जाता है ?
माया के कारण
भौतिक भोग की इच्छा के कारण
कृष्ण के ही समान भोक्ता बनने की इच्छा के कारण
उपरोक्त सभी
अगर भगवान कृष्ण जीव के हितैषी है तो फिर वे जीव की विकृत इच्छा अर्थात कृष्ण के समान भोक्ता बनने की इच्छा को रोकते क्यों नहीं ?
क्योंकि माया में बँध जाने के बाद कृष्ण भी जीव को नहीं बचा सकते
क्योंकि भगवान् कृष्ण जीव की स्वतंत्र इच्छा में कभी बाधक नहीं बनते
क्योंकि ऐसे जीवों पर कृष्ण कृपा नहीं करते
उपरोक्त सभी
मनुष्य की श्रद्धा किसी देवता, किसी कृत्रिम ईश्वर या मरोधर्म में हो सकती है, लेकिन प्रबल श्रद्धा ……….कार्यों से उत्पन्न होती है ?
सात्विक
कर्मठ
परोपकारी
उपयोगी
प्रकृति के दूषित गुण हृदय तक फैल जाते हैं, अतएव किसी भी गुण विशेष के संपर्क में रह कर हृदय जिस स्थिति में होता है, उसी के अनुसार ………….स्थापित होती है?
प्रकृति
श्रद्धा
चेतना
अनर्थ
इस संसार में विभिन्न प्रकार की श्रद्धा मिलती है और विभिन्न प्रकार की श्रद्धाओं के अनुसार विभिन्न प्रकार के ………. होते हैं?
अनर्थ
आश्रम
वर्ण
धर्म
इस संसार में पूजा की भिन्न भिन्न प्रकार की पद्धतियां क्यों मिलती है?
अलग अलग स्थानों पर अलग अलग धर्मों के विकसित होने के कारण
विभिन्न प्रकार की श्रद्धा होने के कारण
अलग अलग देवी देवताओं के होने के कारण
उपरोक्त सभी
शास्त्रों के अनुसार केवल भगवान ही पूजनीय है फिर विभिन्न व्यक्ति अपने अपने गुण के अनुसार देवताओं, यक्षों, राक्षसों और भूत प्रेतों की पूजा क्यूँ करते हैं ?
शास्त्रों के आदेशों से अनभिज्ञता के कारण
भगवान में श्रद्धा ना होने के कारण
उपरोक्त दोनों
उपरोक्त में से कोई नहीं
तमोगुणी लोग किसकी पूजा करते हैं ?
यक्षों की
राक्षसों की
भूत प्रेतों की
उपरोक्त सभी
श्लोक संख्या 17.5 के अनुसार सतोगुनी व्यक्ति किस की पूजा करते हैं ?
भगवान विष्णु की
देवताओं की
निराकार ब्रह्म की
उपरोक्त सभी
जो लोग गुणो से ……….. शुद्ध हो चुके हैं और दिव्य पद को प्राप्त हैं, वे ही भगवान की पूजा कर सकते हैं ?
पूर्णतः
अंशतः
सामान्यतया
उपरोक्त में से कोई नहीं
अगर प्रकृति के तीन गुणो में बंधे व्यक्ति देवताओं, यक्षों, राक्षसों व भूत प्रेतों की पूजा करते हैं तो फिर वे भगवान कृष्ण/ विष्णु की पूजा/भक्ति कैसे कर सकते हैं ?
शुद्ध भक्तों की कृपा व संगति से
देवताओं की कृपा से
पूर्वजों की कृपा से
उपरोक्त सभी
निम्नलिखित में से क्या एक जीव को विशेष प्रकार का भोजन, यज्ञ, तपस्या और दान स्वीकार करने के लिए बाध्य करता है?
प्रकृति के 3 गुण
किसी की परवरिश सब कुछ तय करती है
स्कूली शिक्षा सब कुछ तय करती है
सब कुछ शिव के हाथ में है
सात्विक यज्ञ किसे कहते हैं?
जो शास्त्र के निर्देशानुसार कर्तव्य समझ कर उन लोगों के द्वारा किया जाता है, जो फल की इच्छा नहीं करते
जो शास्त्र के निर्देशानुसार कर्तव्य समझ कर उन लोगों के द्वारा किया जाता है, जो फल की इच्छा करते हैं
जो देवताओ को प्रसन्न करने ऐवं भोग की इच्छा हेतू किया जाए
ऐसे यज्ञ जो समाज माई भौतिक उनाति हेतु की जाए
जो यज्ञ किसी भौतिक लाभ के लिए गर्ववश किया जाता है उससे _____ यज्ञ कहते हैं ?
राजसी
तामसी
सतोगुणी
मुक्ति प्रदययन
तमोगुण में श्रद्धा की तुलना निम्न में से किस विकल्प से की गई है?
ऐसी श्रद्धा अश्रद्धा के तुल्य है
ऐसा श्रद्धा ही शुद्ध श्रद्धा है
यह श्रद्धा का उच्चतम रूप है
ऐसी श्रद्धा मुक्ति के अनुकूल है
कितने प्रकार का भोजन शास्त्रो में बताया गया है?
रजोगुणी, तमोगुणी और सतोगुणी
भोजन केवल सतोगुणी ही होता है
शाकाहारी सतोगुणी है और मांसाहारी तमोगुणी है
गीता में भोजन का विभाजन नहीं है
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प तामसी यज्ञ का हिस्सा नहीं है?
शास्त्र के निर्देशों की पालन करना
वैदिक मन्त्रों का उच्चारण किये बिना
पुरोहितों को दक्षिणा दिए बिना
श्रद्धा के बिना सम्पन्न करना
ईश्र्वर या देवों, योग्य ब्राह्मणों, गुरु तथा माता-पिता जैसे गुरुजनों या वैदिक ज्ञान में पारंगत व्यक्ति को प्रणाम करे या प्रणाम करना. ये किस तरह की तपस्या है?
शारीरिक तपस्या
मानसिक तपस्या
तमोगुणी तपस्या
रजोगुणी तपस्या
आंतरिक शुद्धिकरण करने के लिए क्या करना चाहिए?
हरे कृष्ण महामंत्र का जप करना
निराकार पर ध्यान करना
शांत बैठो और अपने आप से बात करो
सुबह उठ कर देवी दुर्गा का पाठ करे
सच्चे, भाने वाले,हितकर तथा अन्यों को क्षुब्ध न करने वाले वाक्य बोलना और वैदिक साहित्य का नियमित पारायण करना - यही _______ की तपस्या है?
वाणी
मन
शारिरिक
हृदय
जीव कि कृत्रिम श्रद्धा तथा अस्तित्व ______ होते हैं?
शाश्वत
आध्यात्मिक
भौतिक
सात्त्विक
शरीर के भीतर स्थित परमात्मा किसका स्वरूप है ?
कृष्णा
शिव
देवी दुर्गा
वह एक देवता है
हम देखते हैं कि आजकल कई राजनेता राजनीतिक ताकत हासिल करने के उद्देश्य से उपवास कर रहे हैं। क्या गीता और अन्य शास्त्र ऐसे उपवास का समर्थन करते हैं?
हाँ गीता ऐसे उपवास का समर्थन करती है क्योंकि यह अंततः उन्हें शुद्ध कर रहा है
नहीं, ऐसे उपवास अज्ञान की अवस्था में होते हैं
गीता और अन्य शास्त्र में इसपर कोई टिपणी नहीं है
इस तरह के उपवास देवताओं का ध्यान आकर्षित करते हैं और अंततः हमें भगवान के पास वापस जाने में मदद करते हैं
_____ की संगति करके आसुरी व्यक्ति ज्ञान के मार्ग पर चल भवबंधन से मुक्ति पा सकता ?
प्रमाणिक गुरु की
परम हितेशी मित्र की
किसी भी प्रचलित संस्था के गुरु की
एक व्यक्ति जिसने भगवान को निराकार के रूप में महसूस किया है
जो लोग सभी प्रकार के यज्ञ, भोजन या दान को एकसा मानकर उनमें अन्तर नहीं कर पाते, वे ______ हैं ?
अज्ञानी
ज्ञानी
वही है जो परम सत्य को जानता है
B और C दोनों सही हैं
अत्यधिक तिक्खे , खट्टे, नमकीन, गरम, चटपटे,शुष्क तथा जलन उत्पन्न करने वाले भोजन _____ व्यक्तियों को प्रिय होते हैं?
रजो गुणी
सतो गुणी
तमो गुणी
भोजन अन्न देवी का स्वरूप है और गीता भेदभाव नहीं करती
श्लोक 17.8 के अनुसार कितने घंटे पूर्व बना कोई भी भोजन ( भगवान् को अर्पित प्रसादम् को छोड़कर) तामसी माना जाता है ?
3
4
5
6
श्लोक 17.8 में सर्वोतम भोजन किसे कहा गया है?
सर्वोत्तम भोजन तो भगवान् को समर्पित भोजन का उच्छिष्ट है
सर्वोत्तम भोजन तो माता पिता को समर्पित भोजन का उच्छिष्ट है
शाकाहारी भोजन सबसे शुद्ध और सर्वोतम भोजन है
वह भोजन जो सुबह जल्दी पकाया जाता है सबसे शुद्ध और सर्वोतम भोजन है
_________ ही प्रमुख वस्तुएँ हैं, जिन्हें भगवान् स्वीकार करते हैं ?
भक्ति तथा प्रेम
पत्र पुष्प फल
आटे या दूध की बनी वस्तुएँ
दूध के व्यंजन, चीनी, चावल, गेहूँ, फल तथा तरकारियाँ
किस भोजन को गीता मैं दिव्य कहा गया है?
भगवान को अर्पित भोजन को
शाकाहारी भोजन को
केवल स्वादिष्ट भोजन को
गीता में ऐसी कोई टिप्पणी नहीं है
