Worksheetsरहीम - दोहे (इफिया )
Total questions: 10
Worksheet time: 5mins
हम अपने दुःखों को दूसरों के साथ साझा नहीं करना चाहिए।
यह किस दोहे के अर्थ है?
रहिमन पानी राखिए, बिनु पानी सब सून।
पानी गए न ऊबरै, मोती, मानुष, चून।।
नाद रीझी तन देत मृग, नर धन हेत समेत।
ते रहिमन पशु से अधिक, रीझेहु कछू न देत।।
बिगरी बात बनै नहीं, लाख करौ किन कोय।
रहिमन फ़ाटे दूध को, मथे न माखन होय।।
रहिमन निज मन की बिथा, मन ही राखों गोय।
सुनि अठिलैहैं लोग सब, बाँटि न लैहैं कोय।।
धागा टूटने से क्या होता हैं?
रिश्ता में गाँठ पड़ जाती है।
रिश्ता मज़बूत बनता है।
इंसान मर जाता है।
इंसान रोता है।
रहीम जी ने प्रेम की तुलना किससे की है?
धन से
धागे से
ज्ञान से
भावना से
धागा टूटने से क्या होता हैं?
रिश्ता में गाँठ पड़ जाती है।
रिश्ता मज़बूत बनता है।
इंसान मर जाता है।
इंसान रोता है।
कवि रहीम का पूरा नाम क्या था ?
अब्दुल रहीम
रहीम दास
अब्दुर्रहीम खान खाना
अब्दुर्रहीम
रहीम दूसरों से क्या छुपा कर रखने को कहते है?
दुःख
धागा
मजाक
इनमें से कोई नहीं
रहीम ने अपनी व्यथा कहाँ छिपाकर रखने को कहा है ?
घर में
बन में
घन में
मन में
'अठिलैहैं ' शब्द का अर्थ है
आठ चीज़ें लाना
मन मारना
मज़ाक उड़ाना
मिलकर बैठना
अपनी व्यथा अपने तक क्यों रखनी चाहिए ?
जिससे किसी को पता न चले
जिससे कोई मज़ाक न उड़ाए
कोई समझ नहीं सकता
किसी को किसी की चिंता नहीं
रहीम का जन्म कब और कहा हुआ?
1747, दिल्ली
1498, अमरावती
1556, लाहौर
1565, लाहौर
