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Worksheetsमहायज्ञ का पुरस्कार
Total questions: 25
Worksheet time: 13mins
महायज्ञ का पुरस्कार कहानी के लेखक कौन है?
सियारामशरण गुप्त
स्वयं प्रकाश
प्रेमचंद
यशपाल
भूखे कुत्ते का पेट ----से लगा था।
पीठ
कमर
पैर
पेड़
-------के कारण उसकी गर्दन गिर जाती थी ?
सबलता
दुर्बलता
बीमारी
परेशानी
सेठ ने कहाँ रात बिताई ?
मंदिर के चबूतरे पर
धर्मशाला के चबूतरे पर
दालान में
धन्ना सेठ के घर के बाहर
निम्नलिखित शब्दों में से कौन - सा शब्द दूसरे का विलोम शब्द है ?
विनम्र -उदार
क्रय-विक्रय
सेठ-सेठानी
धन्ना- धनी
सेठानी ने अपने पति के लिए कितनी रोटियां बनाईं?
तीन
दो
पाँच
चार
सेठ ने अंतिम ___ भी ___ को खिला दी I
रोटी, श्वान
चावल, गाय
रोटी, बिल्ली
चावल, बैल
सेठ क्या बेचने आया था?
वस्त्र
खाना
यज्ञ
महायज्ञ
धन्ना सेठ की पत्नी के बारे में क्या अफवाह थी ?
उनके पास दैवीय शक्ति थी |
वो तीनों तरफ एक साथ देख सकती थीं |
वो आगे- पीछे दोनों तरफ देख सकती थीं
वो सबकुछ जानती थीं
धन्ना सेठ की पत्नी ने यज्ञ बेचने आए सेठ के सामने क्या शर्त रखी?
यदि धनी सेठ उन्हें सारे यज्ञ बेचेंगे वो तभी खरीदेंगी |
वो अपना महायज्ञ बेचें तभी वो खरीदेंगी
वो उनसे उनका यज्ञ बहुत काम दाम में खरीदेंगी |
वो यज्ञ खरीदना ही नहीं चाहती थीं |
धन्ना सेठ की पत्नी की शर्त सुनने क बाद सेठ क्यों चौक गए ?
क्योंकि वो तीनों लोकों की बात कर रही थी |
उन्होंने उनसे कोई बात ही नहीं की थी |
धन्ना सेठ यज्ञ बेचने की बात कर रहे थे |
सेठानी आज किए गए यज्ञ को खरीदने की बात कर रही थी |
सेठानी दिया जलाने के लिए कहाँ आयी ?
दहलीज पर
दालान में
बरामदे में
धर्मशाला में
किस गाँव में "धन्ना सेठ" रहते थे ?
कंचनपुर
रामपुर
कुंदनपुर
चंदनपुर
सेठानी ने अपने पति के लिए कितनी रोटियां बनाईं?
आठ
दो
बीस
चार
कुत्ते को देखकर सेठ के मन में क्या विचार आया?
मेरा काम तो दो रोटी से भी चल जायेगा |
मेरे पास तो कम है और इसे भी दे दिया तो मेरे पास क्या बचेगा ?
मेरा काम तो पानी से भी चल जायेगा |
इसे मैं पास के गाँव तक छोड़ देता हूँ |
किसने किससे कहा " न हो तो एक यज्ञ ही बेच डालो "।
धन्ना सेठ ने सेठ से
गाँव वालों ने सेठ से
सेठ की पत्नी ने सेठ से
धन्ना सेठ की पत्नी ने सेठ से
क्रय-विक्रय का क्या अर्थ है ?
तोल-मोल
खरीदना - बेचना
लेन-देन
बेचना - खरीदना
धनी सेठ का स्वभाव कैसा था?
वह बहुत कठोर ह्रदय के थे
वह अत्यंत विनम्र और उदार थे
बहुत बड़े दानी नहीं थे |
धर्मपरायण नहीं थे |
सेठ के एक रोटी खिलाने के बाद कुत्ते पर क्या असर हुआ?
वह मुँह उठाकर सेठानी की ओर देखने लगा
उसकी आँखों में कृतज्ञता थी |
वह एकदम से उठ खड़ा हुआ |
वह सेठ की ओर खिसक कर बैठ गया |
रोटी खिलाने से पहले कुत्ते की स्थिति कैसी थी?
वह बहुत फुर्तीला था |
वह मरणासन्न था |
वह सेठ की ओर चलने लगा |
वह नींद में था |
सेठ ने किस चीज को अपना कर्तव्य माना?
चुपचाप अपनी रोटियाँ खा लेना |
कमजोर की सहायता करना |
भूखे को अन्न देना |
यज्ञ को बेचकर पैसे लेना |
सेठ ने अपना यज्ञ क्यों नहीं बेचा?
उनको मूल्य बहुत कम मिला
धन्ना सेठ उनका मजाक उड़ाने लगे
मानवोचित कर्तव्य का मूल लेना उन्हें उचित ना लगा
सेठानी ने यज्ञ बेचने में बाधा डाल दी
धनी सेठ कुंदनपुर कैसे गए ?
पैदल
बैलगाड़ी से
पेड़ों के सहारे पर
10 कोस पर
'पौ फटना' मुहावरे का अर्थ है -
अँधेरा होना
शाम होना
रात्रि का समय
सुबह का समय
इस कहानी में कौन उल्लसित हुआ था ?
धनी सेठ
धन्ना सेठ
धन्ना सेठ की पत्नी
सेठानी
