Worksheetsपश्चिमी शुंग और कनिष्क का साम्राज्य
Total questions: 17
Worksheet time: 9mins
पुष्यमित्र शुंग का शासन किस वर्ष में प्रारंभ हुआ?
200 ईसा पूर्व
150 ईसा पूर्व
100 ईसा पूर्व
185 ईसा पूर्व
कनिष्क का साम्राज्य किस क्षेत्र में फैला हुआ था?
मध्य एशिया, चीन और तिब्बत
दक्षिण भारत, बांग्लादेश और नेपाल
उत्तर भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान
पूर्वी भारत, श्रीलंका और मलेशिया
पुष्यमित्र शुंग ने किस साम्राज्य का अंत किया?
गुप्त साम्राज्य
कुषाण साम्राज्य
चोल साम्राज्य
मौर्य साम्राज्य
कनिष्क के शासनकाल में कौन सा धर्म प्रमुख हुआ?
हिंदू धर्म
बौद्ध धर्म
जैन धर्म
सिख धर्म
पुष्यमित्र शुंग का संबंध किस वंश से था?
कुषाण वंश
गुप्त वंश
मौर्य वंश
शुंग वंश
पुष्यमित्र शुंग ने किस प्रकार की आर्थिक नीतियाँ अपनाईं?
पुष्यमित्र शुंग ने कृषि, व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने वाली आर्थिक नीतियाँ अपनाईं।
पुष्यमित्र शुंग ने केवल कृषि पर ध्यान केंद्रित किया।
पुष्यमित्र शुंग ने आर्थिक नीतियों में कोई सुधार नहीं किया।
पुष्यमित्र शुंग ने केवल उद्योग को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया।
कनिष्क के साम्राज्य में कौन सी प्रमुख व्यापारिक गतिविधियाँ थीं?
रेशम मार्ग के माध्यम से व्यापार, वस्त्र, मसाले, और कीमती धातुओं का व्यापार।
संगीत और कला का व्यापार, शिल्प और सजावटी वस्तुओं का व्यापार।
धातु खनन और निर्माण, औद्योगिक उपकरणों का व्यापार।
कृषि उत्पादों का निर्यात, अनाज और फल का व्यापार।
पुष्यमित्र शुंग के शासन में कौन सी सांस्कृतिक गतिविधियाँ हुईं?
हिंदू धर्म का पुनरुत्थान, वास्तुकला और काव्य लेखन।
जैन धर्म का प्रचार, नृत्य और शिल्पकला का विकास।
संस्कृत साहित्य का उत्थान, चित्रकला और संगीत का विकास।
बौद्ध धर्म का विकास, मूर्तिकला और नाटकों का निर्माण।
कनिष्क के समय में बौद्ध कला का क्या महत्व था?
कनिष्क के समय में बौद्ध कला का महत्व केवल स्थापत्य में था।
कनिष्क के समय में बौद्ध कला का महत्व बौद्ध धर्म के प्रचार और सांस्कृतिक विकास में था।
कनिष्क के समय में बौद्ध कला का महत्व व्यापारिक संबंधों में था।
कनिष्क के समय में बौद्ध कला का महत्व केवल चित्रण में था।
पुष्यमित्र शुंग ने किस प्रकार की वास्तुकला को प्रोत्साहित किया?
बौद्ध वास्तुकला
हिंदू वास्तुकला
गॉथिक वास्तुकला
इस्लामी वास्तुकला
कनिष्क के साम्राज्य में कौन से प्रमुख नगर थे?
सुरेंद्रनगर, बड़ौदा, नासिक
लाहौर, उज्जैन, मथुरा
काश्मीर, पुष्कलावती, Taxila
अयोध्या, वाराणसी, कांची
पुष्यमित्र शुंग के शासन में कौन से प्रमुख साहित्यिक कार्य हुए?
वेद और उपनिषद
महाभाष्य और अन्य संस्कृत साहित्यिक रचनाएँ
रामायण और महाभारत
काव्य और नाटक रचनाएँ
कनिष्क के समय में कौन से विदेशी व्यापारिक संबंध थे?
ग्रीस, मिस्र, और तुर्की के साथ विदेशी व्यापारिक संबंध थे।
अमेरिका, रूस, और ऑस्ट्रेलिया के साथ विदेशी व्यापारिक संबंध थे।
भारत, जापान, और अफ्रीका के साथ विदेशी व्यापारिक संबंध थे।
रोम, चीन, और मध्य एशिया के साथ विदेशी व्यापारिक संबंध थे।
पुष्यमित्र शुंग का प्रशासनिक ढांचा कैसा था?
पुष्यमित्र शुंग का प्रशासनिक ढांचा केवल स्थानीय शासन पर निर्भर था।
पुष्यमित्र शुंग का प्रशासनिक ढांचा कमजोर और अस्थिर था।
पुष्यमित्र शुंग का प्रशासनिक ढांचा मजबूत केंद्रीय सरकार और सशक्त स्थानीय प्रशासन पर आधारित था।
पुष्यमित्र शुंग का प्रशासनिक ढांचा बाहरी आक्रमणों पर केंद्रित था।
कनिष्क के साम्राज्य में धार्मिक सहिष्णुता का क्या स्तर था?
कनिष्क के साम्राज्य में धार्मिक सहिष्णुता का स्तर निम्न था।
कनिष्क के साम्राज्य में धार्मिक सहिष्णुता का स्तर उच्च था।
कनिष्क के साम्राज्य में धार्मिक सहिष्णुता का स्तर मध्यम था।
कनिष्क के साम्राज्य में धार्मिक सहिष्णुता का स्तर असमान था।
कनिष्क के समय में कला और शिल्प में कौन से नवाचार हुए?
कनिष्क के समय में संगीत कला का विकास हुआ।
कनिष्क के समय में वास्तुकला में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।
कनिष्क के समय में चित्रकला का पतन हुआ।
कनिष्क के समय में बौद्ध कला का विकास और मूर्तिकला में नवाचार हुए।
पुष्यमित्र शुंग का योगदान भारतीय राजनीति में क्या था?
पुष्यमित्र शुंग ने केवल युद्धों में भाग लिया।
पुष्यमित्र शुंग ने भारतीय संस्कृति को नष्ट किया।
पुष्यमित्र शुंग ने विदेशी आक्रमणों को बढ़ावा दिया।
पुष्यमित्र शुंग ने शुंग वंश की स्थापना की और वेदिक धर्म की फ़िर से स्थपित किया
