Search Header Logo
गिरिधर नागर की कविता का पुनरावर्तन

गिरिधर नागर की कविता का पुनरावर्तन

Assessment

Presentation

Arts

10th Grade

Hard

Created by

Priti Tiwari

FREE Resource

5 Slides • 1 Question

1

गिरिधर नागर की कविता का पुनरावर्तन

लेट्स डू टुगेदर

Slide image

2

कविता लिखने का उद्देश्य

  • गिरिधर के अलग -अलग नाम

  • होली के त्योहार का महत्तव

  • आनंद का अर्थ

  • { ऊपर दिये गए मुद्दों पर अपने विचार कविता के आधार पर लिखिए | }

3

कन्हैया की विशेषताएँ

मेरे तो गिरिधर गोपाल , दूसरा न कोई

जाके सिर मुकुट । मेरो पति सोई

छाडि दई कुल की कानि , कहा करिहै कोई

संतन ढिग बैठी -बैठी , लोक लाज खोई

4

Slide image

चित्र को देखकर अपनी कल्पना से उसपर एक छोटा - सा स्वमत लिखिए |

5

चित्र में किस भाव की बात की गई है ?

  • फागुन के दिन चार होरी खेल मना रे

  • उड़त गुलाल लाल भयो अंबर , बरसत रंग अपार रे

  • ( दोनों पंक्तियों का अर्थ लिखिए | )

Slide image

6

Poll

१. बार -बार शब्द के लिए कविता में आए शब्द -----

प्रतिदिन

रोज

बेर - बेर

हररोज

गिरिधर नागर की कविता का पुनरावर्तन

लेट्स डू टुगेदर

Slide image

Show answer

Auto Play

Slide 1 / 6

SLIDE