
Bhagavad Gita As It Is DAY-15 (3.23-32)
Authored by Keśava Kṛṣṇa Dāsa
Life Skills, Philosophy, Professional Development
KG - Professional Development
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1.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
5 mins • 1 pt
भगवान् कृष्ण कहाँ कहते हैं - जीवात्मा अहंकार के प्रभाव से मोहग्रस्त होकर अपने आपको समस्त कर्मों का कर्ता मान बैठता है, जब कि वास्तव में वे प्रकृति के तीनों गुणों द्वारा सम्पन्न किये जाते हैं |
प्रकृते: क्रियमाणानि गुणै: कर्माणि सर्वशः |
अहङकारविमूढात्मा कर्ताहमिति मन्यते || 3.27 ||
मयि सर्वाणि कर्माणि संन्यस्याध्यात्मचेतसा |
निराशीर्निर्ममो भूत्वा युध्यस्व विगतज्वरः || 3.30 ||
2.
MULTIPLE SELECT QUESTION
5 mins • 1 pt
प्रत्येक सभ्य व्यक्ति के लिए परम्परागत कुलाचार पालन करने का क्या उद्देश्य है? (3.23)
आध्यात्मिक जीवन की उन्नति
सामाजिक शान्ति में संतुलन
3.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
5 mins • 1 pt
"मेरे पथ का ही अनुगमन करेंगे" - किन शब्दों का अर्थ है? (3.23)
यदि ह्यहं न वर्तेयं
जातु कर्मण्यतन्द्रितः
मम वर्त्मानुवर्तन्ते
मनुष्याः पार्थ सर्वशः
4.
MULTIPLE SELECT QUESTION
5 mins • 1 pt
भगवान् कृष्ण सभी नियमों से ऊपर हैं, फिर भी उन्होंने घर में व बाहर गृहस्थोचित निर्दिष्ट नियमों का पालन क्यों किया? (3.23)
क्योंकि वे भी एक बद्धजीव हैं
क्योंकि कृष्ण परम प्रमाण हैं
क्योंकि वे धर्म की स्थापना के लिए अवतरित हुए थे
क्योंकि सामान्य व्यक्ति भी उन्हीं के पदचिन्हों का अनुसरण करते हैं
5.
MULTIPLE SELECT QUESTION
5 mins • 1 pt
वर्णसंकर कौन हैं? (3.24)
अवांछित जनसमुदाय
अधिक गुणवत्ता की प्रजाति
जो सामान्य समाज की शान्ति को भंग करता है
6.
MULTIPLE SELECT QUESTION
5 mins • 1 pt
अनुसरण और अनुकरण का क्या अर्थ है, उदाहरण सहित बताएं | (3.24)
पदचिन्हों का अनुसरण यानि उपदेशों का पालन
अनुकरण का अर्थ उनके कार्यों की नक़ल
रासलीला का अनुकरण करना चाहते हैं, गोवर्धन धारण नहीं कर सकते
छद्मभक्त शिवजी का अनुकरण करके अपनी मृत्यु को निकट बुलाते हैं
7.
MULTIPLE SELECT QUESTION
5 mins • 1 pt
एक कृष्णभावनाभावित मनुष्य तथा कृष्णभावनाभाहीन व्यक्ति में क्या भेद होता है? (3.25)
केवल इच्छाओं का भेद होता है
एक अपनी इन्द्रियतृप्ति के लिए कार्य करता है, जबकि दूसरा कृष्ण की तुष्टि के लिए
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