Bhagavad Gita As It Is DAY-35 (9.4-13)

Bhagavad Gita As It Is DAY-35 (9.4-13)

KG - Professional Development

23 Qs

quiz-placeholder

Similar activities

चावल की रोटियाँ

चावल की रोटियाँ

5th Grade

22 Qs

ROAD SAFETY QUIZ GSSS

ROAD SAFETY QUIZ GSSS

12th Grade

20 Qs

Bhagavad Gita As It Is DAY-60 (16.21-24, 17.1-6)

Bhagavad Gita As It Is DAY-60 (16.21-24, 17.1-6)

KG - Professional Development

23 Qs

पाप पाठ 2 बालबोध २४०६२१

पाप पाठ 2 बालबोध २४०६२१

Professional Development

21 Qs

Kṛṣṇa Book Practice Quiz (Chapter 83-84)

Kṛṣṇa Book Practice Quiz (Chapter 83-84)

KG - Professional Development

20 Qs

Bhagavad Gita As It Is DAY-48 (12.3-12)

Bhagavad Gita As It Is DAY-48 (12.3-12)

KG - Professional Development

19 Qs

Kṛṣṇa Book Practice Quiz (Chapter 45-46)

Kṛṣṇa Book Practice Quiz (Chapter 45-46)

KG - Professional Development

24 Qs

नन्दीश्वर द्वीप की रचना १८०६२१

नन्दीश्वर द्वीप की रचना १८०६२१

Professional Development

18 Qs

Bhagavad Gita As It Is DAY-35 (9.4-13)

Bhagavad Gita As It Is DAY-35 (9.4-13)

Assessment

Quiz

Life Skills, Philosophy, Special Education

KG - Professional Development

Practice Problem

Easy

Created by

Keśava Kṛṣṇa Dāsa

Used 22+ times

FREE Resource

AI

Enhance your content in a minute

Add similar questions
Adjust reading levels
Convert to real-world scenario
Translate activity
More...

23 questions

Show all answers

1.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

5 mins • 1 pt

किस श्लोक में भगवान् बताते हैं कि भौतिक प्रकृति उनकी अध्यक्षता में कार्य करती है?

मया ततमिदं सर्वं जगदव्यक्तमूर्तिना ।

मत्स्थानि सर्वभूतानि न चाहं तेष्ववस्थित: ॥ 9.4 ॥

मयाध्यक्षेण प्रकृति: सूयते सचराचरम् ।

हेतुनानेन कौन्तेय जगद्विपरिवर्तते ॥ 9.10 ॥

अवजानन्ति मां मूढा मानुषीं तनुमाश्रितम् ।

परं भावमजानन्तो मम भूतमहेश्वरम् ॥ 9.11 ॥

महात्मानस्तु मां पार्थ दैवीं प्रकृतिमाश्रिता: ।

भजन्त्यनन्यमनसो ज्ञात्वा भूतादिमव्ययम् ॥ 9.13 ॥

2.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

5 mins • 1 pt

भगवान् श्रीकृष्ण के नाम, यश, लीलाओं आदि के द्वारा भगवत-साक्षात्कार किसे नहीं हो पाता? (9.4)

जो समुचित निर्देशन से भक्ति में लगा रहता है

जो भौतिक इन्द्रियों से जानने का प्रयास करता है

जिसने भगवान् के प्रति दिव्य प्रेमाभिरूचि उत्पन्न कर ली है

3.

MULTIPLE SELECT QUESTION

5 mins • 1 pt

अव्यक्तमूर्तिना शब्द क्या सूचित करता है, जिसके लिए सूर्यप्रकाश का उदाहरण भी दिया गया है? (9.4)

भगवान् सर्वव्यापी हैं और सर्वत्र उपस्थित रहते हैं

भगवान् की शक्ति सम्पूर्ण सृष्टि में फैली है

सब कुछ भगवान् पर ही आश्रित है

भगवान् भौतिक इन्द्रियों द्वारा अनुभवगम्य नहीं हैं

भगवान् ने अपनी व्यक्तिगत सत्ता खो दी है

4.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

5 mins • 1 pt

ये समझने के लिए क्या उदाहरण दिया गया है कि भगवान् सर्वत्र हैं, प्रत्येक वास्तु उनमें है पर फिर भी वे पृथक हैं? (9.4)

राजा की क्षमता पर सारे विभाग निर्भर हैं पर राजा स्वयं उपस्थित नहीं होता

गवर्नर के हस्ताक्षर से सरकारी नोट मान्य होता है

मुख्य अभियंता सारी इमारत के कोने-कोने से अवगत रहता है

5.

MULTIPLE CHOICE QUESTION

5 mins • 1 pt

Media Image

कौन सा शब्द भगवान् को समस्त जीवों का पालक (भर्ता) के रूप में प्रस्तुत करता है? (9.5)

मत्स्थानि

भूतभृत

भूतस्थः

भूतभावनः

6.

MULTIPLE SELECT QUESTION

5 mins • 1 pt

Media Image

भगवान् का अचिन्त्य योगमैश्वरम् क्या है? (9.5)

यद्यपि सारी वस्तुएँ उन पर टिकी हैं, किन्तु वे पृथक् रहते हैं

वे समस्त सृष्टि के पालन तथा धारणकर्ता हैं, किन्तु वे इस सृष्टि का स्पर्श नहीं करते

वे प्रत्येक वस्तु में उपस्थित हैं, किन्तु सामान्य व्यक्ति यह नहीं समझ पाता कि वे साकार रूप में किस तरह उपस्थित हैं

7.

MULTIPLE SELECT QUESTION

5 mins • 1 pt

Media Image

इतनी विशाल सृष्टि भगवान् पर किस प्रकार आश्रित है? (9.6)

वायु महान होते हुए भी आकाश के अन्तर्गत ही स्थित रहती है, वह आकाश से परे नहीं होती

समस्त विचित्र विराट अभिव्यक्तियों का अस्तित्व भगवान् की परम इच्छा के फलस्वरूप है

सूर्य में अपार शक्ति है, तो भी यह गोविन्द की परम इच्छा और आदेश के अनुसार अपनी कक्षा में घूमता है

Create a free account and access millions of resources

Create resources

Host any resource

Get auto-graded reports

Google

Continue with Google

Email

Continue with Email

Classlink

Continue with Classlink

Clever

Continue with Clever

or continue with

Microsoft

Microsoft

Apple

Apple

Others

Others

Already have an account?