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Worksheetsclass 9th B, hindi शब्द एवं पद, अनुस्वार, अनुनासिक
Total questions: 20
Worksheet time: 3mins
वर्ण कहते हैं -
ध्वनियों के छोटे-छोटे टुकड़े को
शब्द के टुकड़े को
वाक्य के मूल को
अक्षरों के समूह को
वर्णों के सार्थक मेल से बनते हैं -
पद
शब्द
वाक्य
महावर्ण
भाषा की स्वतंत्र और अर्थवान इकाई है -
पद
शब्द
वर्ण
तीनों
शब्द भाषा में विशिष्ट स्थान रखते हैं -
क्योंकि वे हमारे विचारों के आदान-प्रदान में सहायक है
क्योंकि उनका अर्थ होता है
क्योंकि वे स्वतंत्र होते हैं
क्योंकि वे निश्चित अर्थ धारक होने के साथ साथ उपयोगी भी हैं
शब्द निम्न में से किसमें रहते हैं -
वाक्यों में
पुस्तकों में
शब्दकोश में
तीनों में
शब्द एवं पद में अंतर है -
शब्द वाक्य के बाहर होते हैं जबकि पद वाक्य में बंधे होते हैं |
शब्दों का अपना स्वतंत्र अर्थ होता है जबकि पद अपना अर्थ वाक्य के अनुसार देते हैं |
उक्त दोनों |
पहला सही दूसरा गलत
कोशीय एवं व्याकरणिक भेद हैं -
शब्द के
पद के
वर्ण के
पुस्तक के
व्याकरण सम्मत नियमों एवं परसर्गों का प्रयोग किया जाता है -
शब्द में
पद में
वर्ण में
पुस्तक में
निम्न में से सबसे छोटा है -
पद
ध्वनि
अक्षर
वर्ण
पद में कितने प्रकार शब्दों का प्रयोग किया जाता है -
दो
तीन
एक
चार
हिंदी भाषा में अनुस्वार का प्रयोग किस रूप में होता है -
विसर्ग के रूप में
हलंत के रूप में
बिंदु के रूप में
चन्द्र बिंदु के रूप में
अनुस्वार का प्रयोग निम्न में से किया जाता है -
पंचम वर्ण के स्थान पर
विसर्ग के स्थान पर
बिंदु के स्थान पर
चंद्रबिंदु के स्थान पर
पंचमाक्षर अनुस्वार के रूप में परिवर्तित नहीं होगा यदि -
यदि पंचमाक्षर के बाद अन्य वर्ग का कोई वर्ण आये |
यदि पंचमाक्षर द्वित्व रूप में दुबारा आये तो
यदि पंचमाक्षर के बाद उसी वर्ग का वर्ण आये
यदि पंचमाक्षर की जगह कोई भी व्यंजन आये
"कन्हैया" शब्द का अनुस्वार युक्त शब्द है -
कान्हा
कंहैया
कन्हैया
कम्हैया
अनुस्वार स्वर की ध्वनि कहाँ से निकलती है -
मुंह से
नासिका से
कंठ से
उक्त तीनों से
अनुनासिक स्वरों का उच्चारण होता है
मुंह से
नाक से
कान से
उक्त तीनों से
अनुनासिक स्वरों के स्थान पर प्रयोग किया जाता है -
विसर्ग का
बिंदु का
हलंत का
चन्द्रबिंदु का
अनुनासिक के स्थान पर बिंदु का प्रयोग कब किया जाता है -
जब अनुनासिक के स्थान पर बिंदु के प्रयोग का नियम हो
जब अनुनासिक के स्थान पर पंचम वर्ण का प्रयोग हो
जब शिरोरेखा के ऊपर स्वर की मात्रा लगी हो
उक्त तीनों
अनुस्वार और अनुनासिक में मुख्य अंतर है -
अनुनासिक स्वर है जबकि अनुस्वार मूलतः व्यंजन है |
अनुनासिक परिवर्तित नहीं होता जबकि अनुस्वार व्यंजन में परिवर्तित हो जाता है |
उक्त दोनों सही हैं
उक्त दोनों गलत हैं
अनुनासिक के सन्दर्भ में सही कथन है -
अनुनासिक का प्रयोग केवल उन शब्दों में ही किया जाता है जिनकी मात्राएँ शिरोरेखा से ऊपर न लगीं हों |
अनुनासिक व्यंजन हैं
अनुनासिक को परिवर्तित किया जा सकता है
उक्त तीनों
