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Bhagavad Gita As It Is DAY-06 (2.5-14)

Total questions: 30

Worksheet time: 2hrs 40mins

Name
Class
Date
1.

शास्त्रों के अनुसार किस स्थिति में गुरु त्याज्य है? (2.5)

a)

यदि निंद्य कर्म में रत हो

b)

यदि अत्यंत वृद्ध हो

c)

यदि विवेकशून्य हो

d)

यदि शिष्य के मनपसंद निर्देश न दे

2.

भीष्म तथा द्रोण दुर्योधन का पक्ष लेने के लिए बाध्य क्यों थे? (2.5)

a)

प्राणों के भय के कारण

b)

अत्यधिक भावनात्मक लगाव के कारण

c)

आर्थिक सहायता के कारण

3.

आचार्यों का सम्मान खोने के बावजूद अर्जुन भीष्म और द्रोण को न मारने के लिए क्या कारण देता है? (2.5)

a)

कुछ भी हो पर वे अर्जुन के गुरुजन हैं

b)

उनके वध का अर्थ होगा-रक्त से सने अवशेषों का भोग

c)

लोग क्या कहेंगे?

4.

अर्जुन के किन गुणों के कारण उसे मुक्ति के सर्वथा योग्य पुण्यात्मा कहा गया है? (2.6)

a)

अत्यधिक प्रबुद्ध

b)

मन तथा इन्द्रियों पर नियंत्रण

c)

विरक्त

d)

अपने आध्यात्मिक गुरु, श्रीकृष्ण के उपदेशों में श्रद्धा

5.

भौतिक कार्यकलापों की प्रणाली से अंततः सबको क्या प्राप्त होता है? (2.7)

a)

मनचाहा सुख

b)

अनचाही उलझनें

c)

शाश्वत सम्मान

d)

असीम ऐश्वर्य

6.

प्रामाणिक परम्परागत गुरु के पास क्यों जाना चाहिए? (2.7)

a)

सामाजिक रुतबे व रुबाब के लिए

b)

अपमानित करने के लिए

c)

भौतिक उन्नति के लिए सूत्र जानने व आशीर्वाद लेने के लिए

d)

जीवन की उलझनों को समझने व समाधान करने के लिए

7.

बृहदारण्यक उपनिषद् के अनुसार ब्राह्मण कौन है? (2.7)

a)

जो मानव जीवन की वास्तविक समस्याओं को हल नहीं करता

b)

जो आत्म-साक्षात्कार के विज्ञान को समझे बिना कूकर-सूकर की भाँति मर जाए

c)

जो सोचता है वह अपने परिवार को मृत्यु से बचा लेगा या परिवार उसे

d)

जो इस शरीर का उपयोग जीवन की समस्त समस्याओं को हल करने में लगाता है

8.

कैसे पता चलता है कि अर्जुन बुद्धिमान था? (2.7)

a)

वह समझ गया कि पारिवारिक सदस्यों के प्रति उसका अनुराग तथा मृत्यु से उनकी रक्षा करने की उसकी इच्छा ही उसकी उलझनों का कारण है

b)

वह समझ रहा था कि कृपण-दुर्बलता के कारण वह अपना कर्तव्य नहीं निभा रहा था, अतः कृष्ण का शिष्यत्व ग्रहण करके उनसे अनुरोध कर रहा है

9.

उलझनों से मुक्त होने के लिए अर्जुन ने कृष्ण का शिष्यत्व स्वीकार क्यों किया जबकि वो तो उनके मित्र हैं ही? (2.7)

a)

मित्रतापूर्ण बातें गंभीर होती हैं

b)

गुरु तथा शिष्य की बातें गम्भीर होती हैं

10.

कौन कहते हैं कि व्यक्ति को मनुष्य-रूप कृष्ण की नहीं बल्कि “अजन्मा कृष्ण” की शरण ग्रहण करनी चाहिए? (2.7)

a)

मूर्ख संसारी विद्वान्

b)

अत्यंत बुद्धिमान

11.

किस ज्ञान के बिना भगवद्गीता को समझने का प्रयास सबसे बड़ी मूर्खता है?(2.7)

a)

मनुष्य-रूप कृष्ण और “अजन्मा कृष्ण” भिन्न हैं

b)

कृष्ण के अन्तः तथा बाह्य में कोई अन्तर नहीं है

12.

जीवन की समस्याओं का हल करने में एकमात्र कौन सहायता कर सकता है? (2.8)

a)

शैक्षिक ज्ञान

b)

विद्वता

c)

उच्च पद

d)

प्रामाणिक आध्यात्मिक गुरु

13.

वास्तविक गुरु की पहचान बताने वाला पद्मपुराण का श्लोक कौन सा है? (2.8)

a)

तद्विद्धि प्रणिपातेन परिप्रश्न‍ेन सेवया ।

उपदेक्ष्यन्ति ते ज्ञानं ज्ञानिनस्तत्त्वदर्शिनः ॥

b)

किबा विप्र, किबा न्यासी, शुद्र केने नय |

येइ कृष्णतत्त्ववेत्ता, सेइ ‘गुरु’ हय ||

c)

षट्कर्मनिपुणो विप्रो मन्त्रतन्त्रविशारदः |

अवैष्णवो गुरुर्न स्याद् वैष्णवः श्र्वपचो गुरुः ||

14.

संसार की समस्याओं – जन्म, जरा, व्याधि तथा मृत्यु – की निवृत्ति किससे संभव नहीं है? (2.8)

a)

धन-संचय तथा आर्थिक विकास

b)

जीवन की सारी सुविधाऐं तथा सम्पत्ति

c)

पृथ्वी का अप्रतिम राज्य या स्वर्गलोक की सर्वोच्चता

d)

विश्व आधिपत्य

e)

कृष्णभावनामृत से युक्त प्रामाणिक प्रतिनिधि का परामर्श

15.

यहां अर्जुन के लिए किन शब्दों का प्रयोग किया गया है? (2.9)

a)

हृषीकेश

b)

गुडाकेश

c)

परन्तप

d)

गोविन्द

16.

अर्जुन के युद्ध न करके युद्धभूमि छोड़कर भिक्षाटन करने की बात से हुई धृतराष्ट्र की प्रसन्नता किस बात से भंग हुई? (2.9)

a)

अर्जुन अपने शत्रुओं को मारने में सक्षम है (परन्तपः)

b)

श्रीकृष्ण की शरण लेने के कारण शीघ्र ही वह इस शोक से निवृत्त हो जायेगा और पुनः युद्ध करेगा

c)

उसका उदार पुत्र दुर्योधन कहीं भिक्षा में हस्तिनापुर ही न दे दे

17.

दो घनिष्ट मित्रों अर्थात् हृषीकेश तथा गुडाकेश के मध्य गुरु तथा शिष्य की यह वार्ता किसके सुनने व लाभान्वित होने के लिए है? (2.10)

a)

किसी एक व्यक्ति, समाज या जाति के लिए

b)

सबों के लिए

c)

शत्रु या मित्र दोनों के लिए समान रूप से

18.

भगवान् श्रीकृष्ण के बोलते समय गीता में किन शब्दों से उन्हें सम्बोधित किया गया है? (2.11)

a)

कृष्ण उवाच

b)

श्रीकृष्ण उवाच

c)

श्रीभगवान् उवाच

19.

विद्वान कौन होता है? (2.11)

a)

जो यह जानता है कि शरीर तथा आत्मा क्या है

b)

शरीर के लिए, चाहे जीवित हो या मृत – शोक नहीं करता

c)

जो इस तथ्य को जानता है कि शरीर उतना महत्त्वपूर्ण नहीं है जितना कि आत्मा है

20.

ज्ञान का अर्थ क्या जानना है? (2.11)

a)

पदार्थ

b)

आत्मा

c)

पदार्थ तथा आत्मा दोनों के नियामक

21.

भगवान् ने किस श्लोक में सर्वप्रथम आत्मा शब्द का प्रयोग किया?

a)

न त्वेवाहं जातु नासं न त्वं नेमे जनाधिपाः |

न चैव न भविष्यामः सर्वे वयमतः परम् || 2.12 ||

b)

देहिनोऽस्मिन्यथा देहे कौमारं यौवनं जरा |

तथा देहान्तरप्राप्तिर्धीरस्तत्र न मुह्यति || 2.13 ||

c)

मात्रास्पर्शास्तु कौन्तेय शीतोष्णसुखदुःखदाः |

अगामापायिनोऽनित्यास्तांस्तितिक्षस्व भारत || 2.14 ||

22.

सर्वप्रथम किस श्लोक में भगवान् प्राणियों के भूतकाल व भविष्य में भी अलग-अलग शाश्वत पुरुष के आध्यात्मिक अस्तित्व की पुष्टि करते हैं, जिससे मायावाद का खंडन होता है?

a)

न त्वेवाहं जातु नासं न त्वं नेमे जनाधिपाः |

न चैव न भविष्यामः सर्वे वयमतः परम् || 2.12 ||

b)

देहिनोऽस्मिन्यथा देहे कौमारं यौवनं जरा |

तथा देहान्तरप्राप्तिर्धीरस्तत्र न मुह्यति || 2.13 ||

c)

मात्रास्पर्शास्तु कौन्तेय शीतोष्णसुखदुःखदाः |

अगामापायिनोऽनित्यास्तांस्तितिक्षस्व भारत || 2.14 ||

23.

मायावादी अभक्तों द्वारा की गयी गीता की व्याख्या पढ़ने में क्या हानि है? (2.12)

a)

श्रीकृष्ण को सामान्य मानने से गीता की भी सारी महत्ता समाप्त

b)

उनका प्रयास मधुमक्खी द्वारा बंद मधुपात्र चाटने के सदृश है

c)

भगवान् चैतन्य के अनुसार वह गीता का रहस्य नहीं समझ सकता

d)

मायावादी व्याख्या समग्र सत्य का सरासर भ्रामक निरूपण है

24.

मृत्यु होने पर आत्मा का क्या होता है? (2.13)

a)

कौन आत्मा? ऐसा कुछ नहीं होता

b)

आत्मा भी मर जाता है

c)

आत्मा एक शरीर बदल कर दूसरे में देहांतरण कर जाता है

25.

धीर कौन कहलाता है? (2.13)

a)

जिसे व्यष्टि आत्मा, परमात्मा तथा भौतिक और आध्यात्मिक प्रकृति का पूर्ण ज्ञान होता है

b)

जो कभी भी शरीर-परिवर्तन द्वारा ठगा नहीं जाता

26.

आत्मा के एकात्मवाद का मायावादी सिद्धान्त मान्य क्यों नहीं हो सकता? (2.13)

a)

आत्मा का विखण्डन परमात्मा के अपरिवर्तनीय होने के सिद्धान्त के विरुद्ध होगा

b)

बिलकुल मान्य है जी, आत्मा एक ही है - भगवान्, यहां आत्मा किसमें बची है?

c)

अर्जुन कृष्ण समान स्तर पर हैं और उनमें उपदेशक तथा उपदिष्ट का सम्बन्ध अर्थहीन है

27.

प्रतिबिम्बवाद के सिद्धांत के अनुसार आकाश के जल में प्रतिबिम्ब में किसकी तुलना किससे की गयी है? (2.13)

a)

तारों की तुलना जीवों से, व्यष्टि अंश आत्मा (अर्जुन)

b)

सूर्य या चन्द्र की परमेश्वर से, परम आत्मा (श्रीभगवान्)

28.

कर्तव्य-निर्वाह करते हुए मनुष्य को सुख तथा दुख के क्षणिक आने-जाने को सहन करने का किस प्रकार अभ्यास करना चाहिए? (2.14)

a)

माघ (जनवरी-फरवरी) के अत्यधिक ठण्डे मास में भी प्रातःकाल स्नान करना चाहिए

b)

गृहिणी भीषण से भीषण गर्मी की ऋतु में (मई-जून में) भोजन पकाने से हिचकती नहीं

c)

मित्र या परिजन से भी युद्ध करना पड़े तो क्षत्रिय को अपने धर्म से विचलित नहीं होना चाहिए

29.

इस श्लोक में अर्जुन को किन नामों से सम्बोधित किया गया है? (2.14)

a)

अर्जुन

b)

पार्थ

c)

कौन्तेय

d)

भारत

30.

आपके अनुसार हमें किन बातों से बचना चाहिए जो हमारी देहात्म चेतना को बढ़ाती हैं और अंततः उलझनें ही देती हैं?

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