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Worksheetsरसखान
Total questions: 30
Worksheet time: 10mins
रसखान का मूल नाम क्या था ?
सैयद इब्राहिम
रहीम
मोहम्मद इकबाल
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं
रसखान के पहले व दूसरे सवैये में किसके प्रति समर्पण भाव व्यक्त हुआ है?
श्री कृष्ण के प्रति
कृष्ण भूमि के प्रति
कृष्ण से संबंधित वस्तुओं के प्रति
उपरोक्त सभी
"कालिंदी कूल कदंब की डारन" l पंक्तियों में कौन सा अलंकार है ?
उपमा अलंकार
अनुप्रास अलंकार
श्लेष अलंकार
यमक अलंकार
'कलधौत के धाम' शब्द का क्या अर्थ होता है ?
सोने चाँदी के महल
बाग -बगीचे
नदी- तालाब
उपरोक्त सभी
चौथे छंद में किसके सामने गोपियों की विवशता का उल्लेख है ?
श्री कृष्ण के सामने
श्री कृष्ण की मुरली की धुन के सामने
श्री कृष्ण की मुस्कान के सामने
उपरोक्त सभी
"अधरान धरी अधरा न धरौंगी " इस पंक्ति में कौनसा अलंकार है ?
उपमा अलंकार
श्लेष अलंकार
यमक अलंकार
उपरोक्त सभी
गोपी कृष्ण की मुरली क्यों नहीं धारण करना चाहती ?
ईर्ष्या के कारण
मोह के कारण
श्रद्धा के कारण
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं
रसखान कौन सा कार्य करते हुए आठों सिद्धि और नौ निधियों के सुख को भूल सकते हैं ?
श्री कृष्ण की लाठी और कंबली लेकर
नंद की गाय चराते हुए
ब्रज के वन बाग निहारते हुए
उपरोक्त सभी
रसखान करोड़ों सोने के महल किस पर न्योछावर कर सकते हैं ?
करील के कुंजों के ऊपर
ब्रज के वन -बागों के ऊपर
नन्द की गाय चराते हुए
उपरोक्त सभी
'कालिंदी' कौनसी नदी का नाम है ?
गंगा
कावेरी
यमुना
उपरोक्त में से कुछ भी नहीं
मानुष का अर्थ होगा
मानुष
जानवर
मनुष्य
एक जगह का नाम
रसखान जी गोवर्धन पर्वत का ही पत्थर बनकर रहना चाहते हैं क्योंकि
गोवर्धन बहुत सुंदर पर्वत है
उन्हें और कोई पर्वत अच्छा नहीं लगता।
श्रीकृष्ण ने इंद्र के क्रोध से गोकुलवासियों को बचाने के लिए अपनी उंगली पर उठाया था
कह नहीं सकते।
पक्षी बनकर रसखान क्या करना चाहते हैं?
उड़ना चाहते हैं
यमुना नदी के किनारे रहना चाहते हैं
यमुना नदी के किनारे कदंब के पेड़ की डालियों पर बसेरा करना चाहते हैं
पता नहीं कि क्या करना चाहते हैं।
पाहन और खग का अर्थ होगा
पाहन और खाग
पहाड़ और पक्षी
पत्थर और पक्षी
पक्षी और पत्थर
रसखान जी के सवैया की भाषा है
अवधी
बुन्देली
ब्रज
हरियाणवी
पहले सवैये में कवि ने क्या इच्छा प्रकट की है
हर बार अलग अलग रूपों में जन्म लेना चाहते हैं
उन्हें पशु और पक्षी बनना अच्छा लगता है
चाहे कोई भी जनम ले,वो रहना ब्रज की भूमि पर ही चाहते हैं
कवि ही इस बारे में कुछ बता सकते हैं,हम क्या जाने
रसखान जी अपनी आंखों से ब्रज की किन किन वस्तुओं को देखना चाहते हैं
स्त्री,पुरुष जानवर
वनों, बगीचों,तालाबों को
घर,महल,सड़कों को
पता नहीं
रसखान जी श्रीकृष्ण से जुड़ी किस वस्तु को पाने के लिए तीनों लोकों का राज्य भी छोड़ेने को तैयार हैं
श्रीकृष्ण की लाठी और कंबल
श्रीकृष्ण के गहने
श्रीकृष्ण से प्राप्त वरदानों के कारण
पता नहीं
लकुटी अरु कामरिया का अर्थ होगा -
लाठी और कमर
लाठी और कंबल
कंबल और लाठी
कह नहीं सकते।
बिसारों का अर्थ होगा
भुला देना
छोड़ देना
त्याग देना
ये सब
तिहूं पुर का अर्थ होगा
एक जगह का नाम
तीनों लोक
एक देश का नाम
मथुरा की राजधानी
रसखान के गुरु का नाम था-
स्वामी विवेकानन्द
स्वामी हरिदास
स्वामी विट्ठलनाथ
सगुण भक्ति शाखा की उपशाखा है-
रामाश्रयी,प्रेमाश्रयी
कृष्णाश्रयी, रामाश्रयी
ज्ञानाश्रयी,प्रेमाश्रयी
गोपियाँ अपने अधरों पर क्या नहीं धारण करना चाहती हैं |
मोर पंख
गूंज की माला
लकुटी
मुरली
रसखान ब्रजभूमि के करील कुंजों पर क्या न्योछावर करना चाहते हैं?
अपने प्राण
जमीन-जायदाद
सोने के करोड़ों महल
गोपियाँ सिर पर क्या रखने की बात कर रही हैं |
मोर पंख
गुंजा की माला
लकुटी
मुरली
