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Worksheets48.भगवद गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_10.22–10.42
Total questions: 39
Worksheet time: 44mins
भगवत गीता के श्लोक संख्या 10.23 के अनुसार राक्षसों में श्री कृष्ण की विभूति कौन हैं ?
प्रह्लाद
रावण
कुबेर
बलि महाराज
भगवत गीता के श्लोक संख्या 10.23 के अनुसार पर्वतों में श्रीकृष्ण की विभूति कौन है ?
मेरु पर्वत
कैलाश पर्वत
मंदरआँचल
गिरिराज गोवर्धन
भगवत गीता के श्लोक संख्या 10.22 के अनुसार इंद्र भगवान कृष्ण की विभूति है।किंतु इतने पर भी हमें विभिन्न शास्त्रो में उल्लेख नही मिलता है कि इंद्र रजोगुण और तमोगुण के प्रभाव में आकर माया के वशीभूत तो हो जाते हैं। कारण बताइए?
क्योंकि भगवान् कृष्ण भी कभी कभी माया के वशीभूत हो जाते हैं !
क्योंकि इंद्र का भगवान कृष्ण की विभूति होने का अर्थ है कि इन्द्र का ऐश्वर्य भी भगवान कृष्ण का ही ऐश्वर्य है !
क्योंकि भगवान् कृष्ण देवताओं को कभी माया से मुक्त नहीं करते।
क्योंकि इंद्र सकाम भक्त हैं
सेनानायकों में भगवान कृष्ण की विभूति कौन है?
स्कंद
हनुमान
अर्जुन
भीष्म
भगवान कार्तिकेय को दक्षिण भारत में कौन से नाम से पूजा जाता है?
मुरुगन
विनायक
अय्यापा
वेंकट
इन्द्रियों में भगवान कृष्ण की विभूति कौन है?
मन
रसना
नेत्र
जिह्वा
सभी इंद्रियों में से कौन सी सबसे कठिनाई से नियंत्रण में आती है ?
जन्नेंद्रिया
जिह्वा
नेत्र
कान
भक्ति विनोद ठाकुर के भजन “ महा प्रसाद गोविंदे “ के अनुसार जिह्वा को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है ?
सिर्फ़ भगवान कृष्ण का प्रसाद खा कर
राधा कृष्ण के नाम और गुणो को गाकर
अष्टांग योग के द्वारा
1 और 2
ब्रह्मा जी के पुत्रों में सबसे शक्तिशाली महर्षि पुत्र कौन हैं ?
अगस्त्य
नारद
विशिष्ठ
भृगु
सब प्रकार के यज्ञों में कृष्ण कौन से यज्ञ को अपनी विभूति बताते हैं ?
जप यज्ञ
अश्वमेध यज्ञ
राजसूय यज्ञ
गोमेद यज्ञ
उचैश्रवा घोड़ा अमृत मंथन से उत्पन्न होने के बाद किसे मिला था ?
इंद्र
अजित भगवान
बलि महाराज
कुबेर
अमृत मंथन से कितने रत्न प्राप्त हुए थे ?
11
12
13
14
निम्नलिखित में से कौन से भक्त नारद मुनि के शिष्य नहीं हैं ?
ध्रुव महाराज
पर्वत मुनि
वृत्रासुर
व्यास देव
सर्पों में भगवान कृष्ण की विभूति कौन हैं ?
शेषनाग
कालिया नाग
वासुकि
शिवजी का नाग
गीता के श्लोक संख्या 11:28 के अनुसार कामदेव भी भगवान कृष्ण की विभूति हैं ।इसका सही अर्थ चुनिए ।
सभी जीवात्माएँ कृष्ण की इच्छा से ही काम वासना में बंधे हैं
क्यूँकि काम वासना कृष्ण की विभूति है इसलिए काम को जीत पाना असम्भव है
इन्द्रियतृप्ति के हेतु प्रयुक्त काम का कृष्ण का प्रतीक नहीं है अपितु अच्छी संतान के लिए प्रयुक्त काम है कृष्ण की विभूति है
उपरोक्त में से कोई नहीं
वज्र इंद्र को कौन से ऋषि की कृपा से प्राप्त हुआ था ?
भारद्वाज
दधीचि
विश्वामित्र
च्यवन
मछलियों में भगवान कृष्ण की विभूति कौन हैं ?
मत्स्य अवतार
मगरमच्छ
नीली वहेल
उपरोक्त में से कोई नहीं
दैत्यों और आदित्यों के पिता कौन हैं ?
मरीचि
कश्यप
वैवस्वत मनु
दक्ष प्रजापति
पशुओं में भगवान कृष्ण की विभूति कौन हैं?
नरसिंह
मृगेंद्र
उचैश्रवा
ऐरावत
निम्नलिखित ग्रंथों में से विशेष रूप से कौन सा ग्रंथ कृष्ण कि विभूति हैं ?
वेद
वेदांत सूत्र
उपवेद
पुराण
निम्नलिखित में से कौन सा महीना कृष्ण की विभूति है ?
मार्गशीर्ष
कार्तिक
पुरुषोत्तम मास
सावन
गायत्री मंत्र के जाप के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्या नियम है ?
गुरु से विधिवत ब्राह्मण दीक्षा लेना
साफ़ स्वर में मंत्र जाप करना
जापक का सतो गुण में स्थित होना
जनेयु में गिन कर जाप करना
श्लोक संख्या 10.36 के तात्पर्य में प्रभुपाद लिखते हैं की कृष्ण सामान्य व्यक्ति की तुलना में अधिक कपटी हो सकते हैं ।क्या इसका अर्थ यह हुआ की कृष्ण भी सांसारिक गुणो में बंधे हैं ?
हाँ , क्यूँकि सारे गुण कृष्ण से ही प्रकट हैं ।
नहीं , क्यूँकि ईश्वर तो निराकार है और इन सब गुण आदि से परे है ।
हाँ , क्यूँकि कृष्ण निराकार ब्रह्म से साकार ब्रह्म के रूप में प्रकट हुए हैं ।निराकार ब्रह्मा तो इन गुणो से परे है किंतु कृष्ण इन गुणो में बंधे हैं ।
नहीं ,क्यूँकि कृष्ण से सारे कार्यकलाप दिव्य हैं और तीन गुणो से परे हैं ।
समस्त कवियों में कृष्ण की विभूति कौन हैं ?
कालिदास
व्यास
उश्ना
भृगु
वृष्णि वंशियों मैं कृष्ण की विभूति कौन हैं ?
वसुदेव
बलराम
अक्रूर
उद्धव
समस्त मुन्नियों में कृष्ण की विभूति कौन हैं ?
नारद मुनि
व्यास मुनि
पराशर मुनि
अत्री मुनि
ज्ञानी कौन है ?
जिसने शास्त्रों का अध्ययन किया हो |
जो शास्त्रों के अनुसार जीवन जीने का प्रयास करता हो |
जो कृष्ण की परा और अपरा शक्ति में भेद कर सके |
जो मौन रहे |
भगवत गीता के अनुसार किसी भी क्षेत्र में विजय प्राप्त करने हेतु सबसे महत्वपूर्ण क्या है , जो कि कृष्ण की विभूति है ?
बल
तेज
साहस
नीति
जब कृष्ण श्लोक संख्या 10.08 में पहले ही कह चुके थे कि सब कुछ उनसे ही प्रकट होता है तो अर्जुन ने फिर से उनके ऐश्वर्यों के विषय में क्यूँ सुनने की इच्छा की ?
क्यूँकि अर्जुन यह जानना चाह रहा था कि कृष्ण का निरंतर चिंतन कैसे किया जाए क्यूँकि कृष्ण के ऐश्वर्यों को जान कर उनका स्मरण सरलता से हो सकता है |
क्यूँकि अर्जुन को कृष्ण के ऐश्वर्यों को सुनने का लोभ था |
क्यूँकि अर्जुन लोक कल्याण के लिए कृष्ण के ऐश्वर्य को और विस्तारित करना चाह रहा था |
उपरोक्त सभी
कौन से पुराण में कहा गया है की जो लोग भगवान कृष्ण को देवताओं के समान मानते हैं, चाहे वो ब्रह्मा या शिव जी ही क्यूँ ना हों, वो पाखंडी के स्तर पर आ जाते हैं ?
पदम पुराण |
नरसिंह पुराण |
गरुड़ पुराण |
स्कंद पुराण |
कृष्ण कहते हैं कि वे अपने एक अंश मात्रा से सम्पूर्ण ब्रह्मांड को धारण करते हैं, यह कौन सा अंश हैं ।
प्रत्येक जीवात्मा |
ब्रह्मा जी |
परमात्मा
आकाश |
अगर कोई व्यक्ति कृष्ण से आकर्षित ना हो कर संसार से आकर्षित हो तो कृष्ण के ऐश्वर्य को जानने से क्या उसे कोई लाभ मिलेगा ?
कृष्ण के ऐश्वर्य को जानकर व्यक्ति यह समझ सकता है की संसार के प्रति आकर्षण भी असल में कृष्ण की ही शक्ति है तो स्वयं कृष्ण कितने अधिक आकर्षक होंगे ।
मात्र ऐश्वर्य जानने से कोई लाभ नहीं मिलेगा ।
यह सिद्धांत समझने से भक्ति में सबलता/दृढ़ता मिलेगी ।
1 और 3
दसवें अध्याय में कृष्ण द्वारा बताया गया की सब कुछ उनसे ही प्रकट है और संसार का सारा ऐश्वर्य , सौंदर्य आदि भी उनका ही स्फुलिंग मात्र है ।इसका अर्थ क्या है ?
इसका अर्थ हुआ की सब कुछ अंत मैं निराकार ब्रह्म से ही प्रकट है और परमसत्य मूल में सभी उपाधियों से मुक्त है |
इसका अर्थ हुआ की कृष्ण परम सत्य ,सर्व आकर्षक और सर्व शक्तिमान आदि परम ईश्वर भगवान हैं ।
इसका अर्थ हुआ की कृष्ण निराकार ब्रह्म से ही प्रकट हुए हैं ।
उपरोक्त में से कोई नहीं ।
पितर लोक के अधिष्ठाता देव निम्नलिखित में से कौन हैं ?
यमराज
वरुण
इंद्र
अर्यमा
प्रह्लाद महाराज का जन्म कौन से कुल में हुआ था ?
राक्षस
दैत्य
दानव
विद्याधर
कृप्या यहाँ पर नाम लिखे ?
कृप्या यहाँ अपना फोन नो. लिखे ?
कृप्या यहाँ अपना पता लिखे ?
कृप्या यहाँ अपनी उम्र लिखे ?
