Worksheets56. श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_13.01-13.12
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भगवत् गीता के 7 से 12 अध्याय में किस सिद्धांत का वर्णन भगवान कृष्ण ने किया है ?
इन अध्यायों में शरीर के ज्ञाता तथा जिस स्तिथि वह भगवान को समझ सकता है इसका वर्णन हुआ है
इन अध्यायों में भगवान और भगवान के साथ जीवात्मा का सम्बंध एवं भक्ति के सम्बंध में परमात्मा का वर्णन हुआ है
इन अध्यायों में इस बात का वर्णन हुआ है की की प्रकार जीवात्मा प्रकृति के सम्पर्क में आता है और किस प्रकार कर्म ,ज्ञान और भक्ति के विभिन्न साधनों के द्वारा परमेश्वर जीव का उद्धार करते हैं
इन अध्यायों में इस बात का वर्णन हुआ है कि निराकार ब्रह्म को जानना ही साधना का परम लक्ष्य है
शरीर, शरीर के ज्ञाता, आत्मा तथा परमात्मा विषयक व्याख्या में हमें कौन कौन से विषय मिलते हैं ?
क्षेत्र और क्षेत्रज्ञ
ज्ञान और ज्ञेय
प्रकृति और पुरुष
उपरोक्त सभी
भगवान कृष्ण कहते हैं की वो भी समस्त शरीरों में ज्ञाता हैं । इसका अर्थ क्या है ?
इसका अर्थ हुआ की परमात्मा कृष्ण के अंश हैं
इसका अर्थ हुआ की आत्मा प्रत्येक शरीर में ज्ञाता के रूप में स्थित है
इसका अर्थ हुआ की शरीर में आत्मा और परमात्मा दोनों ज्ञाता के रूप में रहते हैं
उपरोक्त सभी
भगवान कृष्ण अपने कौन से स्वरूप में परमात्मा के रूप में रहते हैं ?
महा विष्णु के रूप में
क्षिरोदक शाई विष्णु के रूप में
गर्भोदक शाई विष्णु के रूप में
कारणोदक शाई विष्णु के रूप में
भगवत गीता मैं कृष्ण कौन से वैदिक ग्रंथ का उल्लेख अपने उपदेश में करते हैं ?
महाभारत
सामवेद
ब्रह्म सूत्र
2 और 3
तीन गुणो की अव्यक्त अवस्था को क्या कहा जाता है ?
संघात
प्रधान
अव्यक्त
गुणातीत
ब्रह्म अनुभूति की कितनी अवस्थाएँ हैं और उन में सर्वश्रेष्ठ कौन से हैं ?
ज्ञान मय
अन्न मय
आनंद मय
विज्ञान मय
जीव ब्रह्म की परम अवस्था पर कब पहुँचता है ?
जब जीव को ब्रह्म कि उच्चतर अवस्था कि अनुभूति होती है
जब जीव की अवस्था चिंतन, अनुभव, तथा आकाँक्षा तक पहुँचती है
जब जीव को अन्न में परम सत्य की अनुभूति करने के पश्चात फिर प्राण मय रूप में मनुष्य के सजीव लक्षणों में परम सत्य की अनुभूति होती है
जब जीव परम आनन्दमय भगवान का अनुगमन करने में सुख मानता है
कार्य क्षेत्र कुल कितने तत्वों का बना हुआ है ?
26
24
25
31
निम्नलिखित में से कौन सा आत्मा के कार्य क्षेत्र का तत्व नहीं है ?
इंद्रियाँ
इंद्रिय विषय
पंचमहाभूत
छह अनर्थ
मिथ्या अहंकार का मूल क्या है ?
तामस बुद्धि
अपवित्र मन
भोग की इच्छा
उपरोक्त सभी
मिथ्या अहंकार की स्थूल अभिव्यक्ति क्या है ?
पाँच महाभूत
पाँच कर्म इंद्रियाँ
पाँच ज्ञान इंद्रियाँ
मन
कर्म क्षेत्र की अंतः क्रियाएँ निम्नलिखित में से कौन कौन सी हैं ?
इच्छा
द्वेष
सुख और दुःख
उपरोक्त सभी
श्लोक संख्या 13.8 से 13.12 तक भगवान कृष्ण ने किस चीज़ का वर्णन किया है ?
कार्य क्षेत्र के 24 तत्वों के विकार
आत्मा के लिए 24 तत्वों से बाहर निकलने का साधन
ज्ञान
2 और 3
भगवान कृष्ण द्वारा ज्ञान के वर्णन का अवसान किस चीज़ में होता है ?
प्रामाणिक गुरु के पास जाने में
विनम्रता प्राप्त करने में
इंद्रिय विषयों का परित्याग
भगवान कृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति
यदि आप _________के पदचिन्हों पर चलकर गीता को समझने का प्रयास करें, तो आप गीता के वास्तविक संदेश को प्राप्त करने में सक्षम होंगे?
अर्जुन
धृतराष्ट्र
संजय
कर्ण
‘’ प्रत्येक शरीर में वास करने वाला परमात्मा को जीव का स्वरूप न मान बैठे’’. प्रभुपाद ने इस कथन का समर्थन करने के लिए निम्न में से किस तुलना का प्रयोग किया है?
ऐसा तो धरती तथा आकाश को एक सामान बताने जैसा है
ऐसा तो सक्षम पुरुष तथा अक्षम पुरुष को एक सामान बताने जैसा है
ऐसा तो सूर्य और चंद्रमा को एक सामान बताने जैसा है
ऐसा तो देव तथा असुर को एक सामान बताने जैसा है
वेदव्यास के पिता का क्या नाम है?
विदुर महाराज
पराशर मुनि
वशिष्ठ मुनि
बली महाराज
निम्नलिखित में से किस ग्रंथ का प्रयोग एक ऐसे अधिकार के रूप में किया गया है जो आत्मा और परमात्मा के द्वैत को स्पष्ट करता है?
उपदेशामृत
उपनिषद के सभी भाग
वेदांत सूत्र
यजुर्वेद
श्लोक 13.05 में परमात्मा को _____ बताया गया है?
अच्युत
च्युत
बहुरूपी
अस्थायी
तैत्तरीय उपनिषद किस वेद की एक शाखा है?
सामवेद
यजुर्वेद
अथर्ववेद
ऋग्वेद
किसे क्षेत्रज्ञ- 'क्षेत्र को जाने वाला' की उपाधि दी गई है?
केवल जीवात्मा
जीवात्मा तथा परमात्मा
केवल परमात्मा
केवल भौतिक शरीर
निम्न में से कौन पंच महाभूत का हिस्सा नहीं है?
पृथ्वी
अग्नि
आकाश
जीवात्मा
निम्नलिखित में से कौन से 5 कर्मेन्द्रियां हैं
नेत्र, कान, नाक, जीभ तथा त्वचा
वाणी , पांव, हाथ , गुदा तथा लिंग
हाथ , गुदा, लिंग,जीभ तथा त्वचा
नेत्र , कान , नाक , गुदा तथा लिंग
श्लोक 13.06 में मन को मिला कर कितनी इंद्रियों को बताया गया है
पंद्रह
चौदह
बारह
ग्यारह
निम्न में से कौन सा 'क्षेत्र तथा क्षेत्रज्ञ’ बीच उचित अंतर नहीं है?
क्षेत्र भौतिक है लेकिन क्षेत्रज्ञ आध्यात्मिक है
क्षेत्र अस्थायी है लेकिन क्षेत्रज्ञ स्थायी है
क्षेत्रज्ञ भौतिक है लेकिन क्षेत्र आध्यात्मिक है
क्षेत्र या शरीर में 6 प्रकार का परिवर्तन होता है पर क्षेत्रज्ञ में कोई परिवर्तन नहीं होता
देहधारी आत्मा __________ तत्त्वों से बने आवरण रूप शरीर में बन्द रहता है?
ग्यारह
बारह
बीस
चौबीस
‘’जिसने भक्ति की अवस्था प्राप्त कर ली है, उसमें ज्ञान के सारे गुण विकसित हो जाते हैं’’. उपरोक्त कथन किस ग्रंथ से लिया गया है
श्रीमद्भागवतम
कथोपनिषद
भक्ति रसामृत सिंधु
चैतन्य चरित्रामृत
अध्यात्मिक जीवन का शुभारम्भ कब होता है?
गीता पाठ करने पर
सप्ताहिक भागवतं कथा के श्रवण पर
मंदिर मार्जन करने पर
प्रमाणिक गुरु की शरण ग्रहण करने से
वास्तविक अहंकार क्या है
मैं यह शरीर हूँ
मैं एक सच्चा भारतीय हूं और अपने पूर्वजों से आंतरिक रूप से जुड़ा हुआ हूं
मूल रूप से मैं हिमाचल में पैदा हुआ एक पुरुष / महिला हूं
मैं आत्मा हूँ और कृष्ण का सेवक हूँ
अहं ब्रह्मास्मि. कौन सा उपनिषद् इस सत्य को स्पष्ट करता है।
बृहदारण्यक उपनिषद्
ईशावास्य उपनिषद्
तैत्तरीय उपनिषद्
ऐतरेय उपनिषद्
गीता के अनुसार संपूर्ण भौतिक ब्रह्मांड में पाई जाने वाली 4 प्राथमिक समस्याएं क्या हैं जिससे हर जीव को गुजरना पड़ता है
पैसा, विपरीत लिंग, बीमारी, राजनीति
संकट, हताशा, तनाव और जन्म
जन्म, मृत्यु, जरा तथा व्याधि
स्थिति, सम्मान, शक्ति, लघु जीवन
जीवात्मा इस जगत में भौतिक प्रगति के अधीन क्यों है?
क्योंकि जीवों की यह इच्छा होती है की वो भौतिक प्रगति के अधीन रहे
हम अधीन नहीं हैं, हम तो आनंद ले रहे हैं। ये आप कैसे प्रशन पुछ रहे हैं
परमेश्र्वर के प्रति विद्रोह के कारण
कौन कहता है कि मैं भौतिक प्रकृति के नियंत्रण में हूं । मैं वही करता हूं जो मैं चाहता हूं कोई भी मुझे कुछ भी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता, यहां तक कि भौतिक प्रकृति भी नहीं
परम सत्य के साक्षात्कार में ___________ पराकाष्ठा होते हैं?
भगवान्
ब्रह्म
परमात्मा
भौतिक प्रकृति
निम्न में से कौन नवधा भक्ति का हिस्सा नहीं है?
श्रवणं
मथुरा वास
दास्यम
पाद-सेवनम
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