Font size
Worksheets72.श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_17.14 -18.12
Total questions: 36
Worksheet time: 36mins
कृप्या यहाँ पर नाम लिखे ?
कृप्या यहाँ पर पता लिखे ?
कृप्या यहाँ पर फोन नो. लिखे ?
कृप्या यहाँ पर अपनी आयु लिखे ?
श्री भगवान तपस्या के भेद और तपस्या का वर्णन कौन से श्लोक में करते है ?
17.14
17.15
17.16
17.13
वाणी की तपस्या क्या है ?
सच्चे, भाने बाले हितकर
अन्यो को क्षुब्ध न करने वाले वाक्य बोलना
वैदिक साहित्य का नियमित परायण करने वाले
उपरोक्त सभी
अतिरिक्त प्रलाप नहीं करना चाहिए यह भी एक वाणी की तपस्या है ?
सही
गलत
प्रशन गलत है
अध्यात्मिक क्षेत्र में बोलने की विधि में अगर कहा जाये तो वह ...........हो ?
कोई विधि विधान नहीं है
शास्त्र सम्मत होना चाहिए
अतिप्रिय लगने वाली बात बोलनी चाहिए
इनमे से कोई भी नहीं
फल की इच्छा से किया गया दान किस श्रेणी में आता है ?
सतोगुणी
रजोगुणी
तमोगुणी
यह इस बात पर निर्भर करता है कि दान किसे दिया गया है
मद्यपान एवं द्यूत क्रीड़ा के लिए दिया गया दान कौन सी श्रेणी में आता है ?
सतोगुणी
रजोगुणी
तमोगुणी
2 और 3
भगवान कृष्ण के उपदेश के अनुसार दान को सतोगुणी होने के लिए उनमें निम्नलिखित में से कौन सा गुण नहीं बताया गया है ?
कर्तव्य समझकर
समुचित काल
करुणा के सहित
योग्य व्यक्ति को दान होना चाहिए
यज्ञ, दान, तपस्या आदि से व्यक्ति /साधक आध्यात्मिक प्रगति कैसे प्राप्त कर सकता है ?
इन सब को सतो गुण में सम्पन्न करके
इन सब को भगवान/ब्रह्म के लिए करके
इन सब को फल की इच्छा से रहित कर्तव्य समझ से करके
उपरोक्त सभी
“ओम तत् सत्” को ब्राहमणो के द्वारा कब और किस की संतुष्टि के लिए किया जाता है ?
यज्ञ करते समय
वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते समय
ब्रह्म की संतुष्टि के लिए
उपरोक्त सभी
योगिजन ब्रह्म की प्राप्ति के लिए शास्त्रीय विधि के अनुसार यज्ञ, दान तथा तप की समस्त क्रियाओं का शुभारम्भ सदैव ………….. से करते हैं ?
ध्यान
सतोगुण
ओम
ज्ञान
“ओम तत् सत्” में “तत्” का क्या अर्थ है ?
परम सत्य अथवा भगवान
यज्ञ, दान, तपस्या आदि
यज्ञ, दान, तपस्या सम्पन्न करने वाला साधक
निराकार ब्रह्म
श्रद्धा के बिना यज्ञ, दान या तप के रूप में जो भी किया जाता है वह ……….है ?
नश्वर
निरर्थक
निष्फल
उपरोक्त सभी
प्रत्येक कार्य ……………में रहकर ब्रह्म के लिए किया जाना चाहिए ?
वृंदावन
तीर्थ स्थान
कृष्णभावनाम्रत
घर
सम्पूर्ण वैदिक साहित्य में श्रद्धा की संस्तुति की गयी है, इस श्रद्धा के समुचित विकास के लिए साधक को क्या करना चाहिए ?
गम्भीर भक्तों का संग करना चाहिए
गुरु की शरण ग्रहण करनी चाहिए
उपरोक्त दोनो
उपरोक्त में से कोई नहीं
जब काल क्रम में साधक की श्रद्धा परिपक्व होती है , तो इसे ………कहते हैं ?
महा श्रद्धा
सिद्ध श्रद्धा
ईश्वर प्रेम
परिपक्व श्रद्धा
भगवत गीता के 18वे अध्याय में सबसे पहले भगवान कृष्ण से अर्जुन से किस विषय में प्रशन पूछा ?
दान
त्याग
श्रद्धा
तपस्या
भगवान कृष्ण की पूजा/भक्ति ही चरम लक्ष्य है और 18 वे अध्याय में इसी बात को ……….के परम गुह्य मार्ग के रूप में संक्षेप में बताया गया है ?
भक्ति
ज्ञान
योग
कर्म
निम्नलिखित में से कौन से श्लोक में भगवान कृष्ण घोषित करते हैं की सब योगियों में सर्वश्रेष्ठ योगी भगवान कृष्ण का भक्त है ?
3.14
6.47
18.02
18.09
भगवत गीता के श्लोक संख्या 18.01 में अर्जुन भगवान कृष्ण को कौन से नाम से सम्बोधन देते हैं ?
महाबाहु
ऋषिकेश
केशिनिशुदन
उपरोक्त सभी
भौतिक इच्छा पर आधारित कर्मों के परित्याग को विद्वान लोग ……….. कहते हैं और समस्त कर्मों के फल त्याग को बुद्धिमान लोग ………कहते हैं?
सन्यास, त्याग
त्याग, सन्यास
मुक्ति, त्याग
सन्यास, मुक्ति
आध्यात्मिक ज्ञान में उन्नति या हृदय की शुद्धि के लिए किए जाने वाले यज्ञों का परित्याग करना …….. है ?
आवश्यक
उचित
उचित नहीं
आवश्यक नहीं
श्लोक संख्या 18.04 में भगवान कृष्ण अर्जुन को किस नाम से सम्बोधित करते हैं ?
पार्थ
धनंजय
नरशारदूल
सव्यसाची
भगवान कृष्ण के उपदेश के अनुसार निम्नलिखित में से किसका त्याग साधक को कर देना चाहिए ?
यज्ञ
दान
तपस्या
उपरोक्त में से कोई नहीं
यज्ञ, दान और तपस्या को भगवान कृष्ण किस रूप में करने का उपदेश करते हैं ?
आसक्ति के बिना
फल की आशा के बिना
कर्तव्य समझ कर
उपरोक्त सभी
निस्संदेह यज्ञ, दान तथा तपस्या महात्माओं को भी ………बनाते हैं ?
मुक्त
आसक्त
शुद्ध
तृप्त
धर्म की सर्वोच्च कसौटी क्या है ?
जिस कार्य से मुक्ति मार्ग में लाभ हो वही धर्म है
जिस कार्य से भगवदभक्ति मिले वही धर्म है
जिस कार्य से व्यक्ति सुखी हो वही धर्म है
जिस कार्य से समाज की सेवा हो वही धर्म है
यदि कोई अपने निर्दिष्ट कर्मों का परित्याग कर देता है , तो ऐसे त्याग को ……… कहा जाता है?
अज्ञान
महान
निरर्थक
तामसी
यदि कोई नियत कर्मों को कष्टप्रद समझ कर त्याग देता है, उसके लिए कहा जाता है की उसने यह त्याग ……. में किया है ?
सतोगुण
रजोगुण
तमोगुण
अज्ञान
सतोगुणी त्याग में निम्नलिखित में से कौन कौन से गुण होते हैं ?
ऐसा त्याग कर्तव्य समझकर
ऐसा त्याग फल की आसक्ति से रहित होकर किया जाता है
ऐसा त्याग समस्त भौतिक संगति से रहित होकर किया जाता है
1 और 2
1,2 और 3
सतोगुण में स्थित बुद्धिमान त्यागी न तो अशुभ कर्म से ……..करता है , न शुभ कर्म में ………. होता है
लिप्त , मुक्त
घृणा , लिप्त
प्रभावित , ग्लानि
प्रेरित , लिप्त
कोई भी व्यक्ति इस संसार में सारे कर्मों से मुक्त नहीं हो सकता, फिर किस प्रकार व्यक्ति कर्मों के फल से बच सकता है ?
कृष्ण के लिए कर्म करके
कृष्ण को सब कुछ अर्पित करके
ज्ञान मार्ग के पालन से
1 और 2
1,2 और 3
श्लोक संख्या 18.12 में भगवान कृष्ण निम्नलिखित में से कौन कौन से कर्म फल का वर्णन करते हैं ?
इष्ट
अनिष्ट
मिश्रित
1 और 2
1,2 और 3
