
अध्याय 3 – उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण – एक समीक्षा【LIVE🔴】
Authored by Manish Kumar
Social Studies
11th Grade
Used 1+ times

AI Actions
Add similar questions
Adjust reading levels
Convert to real-world scenario
Translate activity
More...
Content View
Student View
8 questions
Show all answers
1.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
45 sec • 5 pts
नब्बे के दशक में भारत ने वित्तीय संकट के समय किन अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से ऋण प्राप्त किया था?
1. विश्व बैंक
2. एशियाई विकास बैंक
3. बैंक ऑफ अमेरिका
4. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये-
केवल 1 और 2
केवल 1, 3 और 4
केवल 2 और 4
केवल 1 और 4
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः नब्बे के दशक में भारत सरकार द्वारा वित्तीय संकट का सामना करने के लिये अंतर्राष्ट्रीय पुननिर्माण और विकास बैंक (आई.बी.आर.डी.) जिसे सामान्यतः विश्व बैंक के नाम से जाना जाता है और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से 7 बिलियन डॉलर का ऋण लिया गया।
2.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
45 sec • 5 pts
कथनः भारत सरकार ने 1990 में नई आर्थिक नीति की घोषणा की।
कारणः वित्तीय संकट के समय विश्व बैंक और आई.एम.एफ. द्वारा वित्तीय सहायता उदारीकरण और निजीकरण की शर्तों पर दी गई थी।
कूटः
कथन सही है, कारण भी सही है तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
कथन सही है, कारण भी सही है, लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः कथन गलत है तथा कारण सही है। भारत सरकार ने नई आर्थिक नीति की घोषणा 1991 में की थी। नब्बे के दशक में जब भारत सरकार के पास आवश्यक वस्तुओं के आयात के लिये भी विदेशी मुद्रा नहीं बची तब उस स्थिति में सरकार ने विश्व बैंक और आई.एम.एफ. का दरवाज़ा खटखटाया। इस वित्तीय संकट का सामना करने के लिये इन संस्थानों द्वारा कुछ शर्तों के साथ ऋण दिया गया, जैसे- सरकार उदारीकरण करेगी, निजी क्षेत्रों पर लगे प्रतिबंधों को हटाएगी तथा अनेक क्षेत्रों में सरकारी हस्तक्षेप कम करेगी।
3.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
45 sec • 5 pts
नई आर्थिक नीति के तहत औद्योगिक क्षेत्र में किये गए सुधारों से संबंधित नीचे दिये गए कथनों पर विचार कीजिये-
1. निजी क्षेत्रों के लिये सभी उद्योगों के लिये लाइसेंसिंग व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया।
2. सार्वजनिक क्षेत्र के सभी आरक्षित उद्योगों को निजी क्षेत्र के लिये खोल दिया गया।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1 और न ही 2
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः उपरोक्त दोनों कथन असत्य हैं।
1991 के बाद से आरंभ हुई सुधार नीतियों ने इनमें से अनेक प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया। एल्कोहल, सिगरेट, जोखिम भरे रसायनों, औद्योगिक विस्पफोटकों, इलेक्ट्रोनिकी, विमानन तथा औषधि-भेषज; इन छः उत्पाद श्रेणियों को छोड़ अन्य सभी उद्योगों के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया।
सार्वजनिक क्षेत्रक के लिए सुरक्षित उद्योगों के लिये प्रतिरक्षा उपकरण, परमाणु ऊर्जा उत्पादन और रेल परिवहन बचे हैं थे। लघु उद्योगों द्वारा उत्पादित अनेक वस्तुएँ भी अब अनारक्षित श्रेणी में आ गई हैं। अनेक उद्योगों में अब बाज़ार को कीमतों के निर्धारण की अनुमति मिल गई है।
4.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
45 sec • 5 pts
1991 के बाद शुरू हुई आर्थिक सुधार नीतियों के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है?
वित्तीय क्षेत्रक सुधार के अंतर्गत रिज़र्व बैंक को और अधिकार देकर आर्थिक क्षेत्र में नियंत्रक की भूमिका पर लाया गया।
विदेशी निवेश संस्थाओं (एफ.आई.आई.) को म्यूचुअल फंड में निवेश की अनुमति दी गई।
प्रत्यक्ष करों में कटौती की गई।
मुद्रा का अवमूल्यन किया गया।
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः पहला कथन असत्य है। भारत में वित्तीय क्षेत्र का नियंत्रक रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया है। भारतीय रिज़र्व बैंक के विभिन्न नियम और कसौटियों के माध्यम से ही बैंकों तथा अन्य वित्तीय संस्थानों के कार्यों का नियमन होता है। रिज़र्व बैंक ही तय करता है कि कोई बैंक अपने पास कितनी मुद्रा जमा रख सकता है। साथ ही ब्याज दरों को भी निर्धारित करता है। विभिन्न क्षेत्रकों को उधार देने की प्रकृति इत्यादि को भी यही तय करता है।
1991 के वित्तीय क्षेत्रक सुधार नीतियों का एक प्रमुख उद्देश्य यह भी था कि रिज़र्व बैंक को वित्तीय क्षेत्र में नियंत्रक की भूमिका से हटाकर उसे इस क्षेत्रक के एक सहायक की भूमिका तक सीमित कर दिया गया। इसका अर्थ है कि वित्तीय क्षेत्रक रिज़र्व बैंक से सलाह किये बिना ही कई मामलों में अपने निर्णय लेने में स्वतंत्रता हो गया।
5.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
45 sec • 5 pts
आयात के परिमाण को सीमित करने के लिये सरकार द्वारा किन उपकरणों का प्रयोग किया जाता है?
1. प्रशुल्क (Tariff)
2. कोटा
3. सब्सिडी
कूटः
केवल 1
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
केवल 3
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः सरकार आयात के परिमाण को सीमित करने के लिये प्रशुल्क (Tariff), कोटा और सब्सिडी का प्रयोग करती है।
प्रशुल्क आयातित वस्तुओं पर लगाया गया कर है। प्रशुल्क लगाने पर आयातित वस्तुएँ अधिक महँगी हो जाती हैं, जो वस्तुओं के आयात को हतोत्साहित करती है।
कोटे में वस्तुओं की मात्र निर्दिष्ट की होती है, जिन्हें आयात किया जा सकता है।
सब्सिडी के तहत निर्यात को बढ़ावा दिया जाता है। साथ ही साथ घरेलू उद्योगों को विदेशी सामानों से प्रतिस्पर्धी बनाने हेतु सहायता भी प्रदान की जाती है, जो कहीं न कहीं आयात को हतोत्साहित करती है।
6.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
45 sec • 5 pts
विश्व व्यापार संगठन (WTO) का गठन किस वर्ष किया गया?
1994
1995
1999
2001
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः व्यापार और सीमा शुल्क महासंधि (GATT) के स्थान पर 1995 में विश्व व्यापार संगठन (WTO) की स्थापना की गई। GATT की रचना विश्व व्यापार प्रशासक के रूप में 23 देशों ने मिलकर 1948 में की थी।
7.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
45 sec • 5 pts
विश्व व्यापार संगठन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य है-
विकासशील देशों को उनके भुगतान संतुलन में मदद करना।
गरीब देशों को आधारभूत संरचना के विकास हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करना।
विश्व के सभी देशों को व्यापार में समान अवसर सुलभ कराना।
विकसित एवं विकासशील देशों को पर्यावरण संरक्षण हेतु धन उपलब्ध करवाना।
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः विश्व व्यापार संगठन का उद्देश्य, विश्व व्यापार में सभी देशों को समान अवसर उपलब्ध कराना है। विश्व व्यापार संगठन का ध्येय ऐसी नियम आधारित व्यवस्था की स्थापना करना है, जिसमें कोई देश मनमाने ढ़ंग से व्यापार के मार्ग में बाधाएँ खड़ी नहीं कर पाए। साथ ही इसका ध्यये सेवाओं के सृजन और व्यापार को प्रोत्साहन देना भी है, ताकि विश्व के संसाधनों का इष्टतम स्तर पर प्रयोग हो और पर्यावरण का भी संरक्षण हो सके।
Access all questions and much more by creating a free account
Create resources
Host any resource
Get auto-graded reports

Continue with Google

Continue with Email

Continue with Microsoft
or continue with
%20(1).png)
Apple
Others
Already have an account?