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WorksheetsKṛṣṇa Book Practice Quiz (Chapter 79-80)
Total questions: 24
Worksheet time: 1hrs 1mins
ओलावृष्टि आदि के बाद बल्वल हाथ में क्या लेकर प्रकटा? (अध्याय 79)
फूलों का हार
गदा
त्रिशूल
राजमुकुट
श्रीबलराम जी ने ____ से बल्वल को नीचे घसीट लिया और क्रोधित होकर ____ से उसके सिर को चूर कर डाला | (अध्याय 79)
हल, गदा
गदा, मुक्के
हाथ, पाँव
श्रीबलराम जी ने बल्वल का उद्धार कहाँ किया? (अध्याय 79)
प्रभास
पलवल
प्रयाग
नैमिषारण्य
तीर्थों में स्नान करते हुए बलराम जी किस किससे मिले? (अध्याय 79)
पुलह ऋषि से
महेंद्र पर्वत पर श्रीपरशुराम से
मलय पहाड़ी में महर्षि अगस्त्य से
दण्डकारण्य में भगवान् रामचंद्र से
गंगासागर में भगवान् कपिलदेव से
श्रीबलराम जी ने कौषिकी, सरयू, त्रिवेणी संगम, गोमती, गण्डकी, विपाशा, शोण, गंगा, गोदावरी, वेणा, पम्पा, भीमरथी, कावेरी, सेतुबंध, कृतमाला, ताम्रपर्णी, हिंदमहासागर, पंचाप्सरस, तापी, पयोष्णी, निर्विन्ध्या और नर्मदा नदियों में स्नान करते हुए किन पवित्र स्थलों के दर्शन किये? (अध्याय 79)
प्रयाग के स्थानीय मंदिर, कन्याकुमारी देवी, आर्यादेवी मंदिर
गया का श्रीविष्णु व फाल्गुनतीर्थ का अनन्तविष्णु मंदिर
भीमरथी के तट पर स्वामी कार्तिकेय श्रीमूर्ति के दर्शन
वेंकटाचल बालाजी व शिवकांची के दर्शन
विश्व के सबसे बड़े मंदिर रंगक्षेत्र में श्रीरंगनाथ का दर्शन
उत्तरी भारत के पांच भागों को क्या कहा जाता है? (अध्याय 79)
पंचद्रविड़
शैलपुर
विष्णुकांची
शिवकांची
पंचगौड़
बलरामजी ने सभी तीर्थस्थानों पर जाकर क्या क्या किया? (अध्याय 79)
पवित्र नदियों में स्नान
श्रीविग्रहों के दर्शन
स्थानीय ब्राह्मण पुजारियों को दान
महान भक्तों से आशीर्वाद और दर्शन
भौतिकतापूर्ण जीवन की क्या विधि है? (अध्याय 79)
जीवन की परम आवश्यकताओं से असंतुष्ट
महत्त्वाकांक्षापूर्वक अन्य आवश्यकताओं की उत्पत्ति
प्रकृति के नियमों द्वारा अवैधानिक कामनाओं का अवरोध
अकाल, युद्ध, महामारी आदि अनर्थों का प्राकट्य
बलराम जी ने दोनों महान योद्धाओं भीम और दुर्योधन को युद्ध रोकने के लिए क्या तर्क दिया? (अध्याय 79)
शारीरिक शक्ति में दुर्योधन भीमसेन से श्रेष्ठ है
गदा के द्वारा लड़ने की कला में भीमसेन दुर्योधन से श्रेष्ठ है
युद्ध-कला में दोनों में आपस में कोई भी श्रेष्ठ नहीं है
बलराम जी द्वारका लौटने के बाद किस तीर्थ स्थल पर गए जहां उन्होंने भगवान्, विराट जगत, ब्रह्माण्ड व जीवों के सम्बन्ध के विषय में उपदेश दिया व यज्ञ क्रियाओं के उपरान्त अवभृथ स्नान भी किया? (अध्याय 79)
प्रभासक्षेत्र
नैमिषारण्य
कुरुक्षेत्र
दण्डकारण्य
मूल विष्णु, श्रीबलराम जी की लीलाओं का प्रातःकाल व सांयकाल स्मरण करने का क्या फल है? (अध्याय 79)
निश्चय ही व्यक्ति श्रीभगवान का महान भक्त बनेगा
प्रत्येक दृष्टि से व्यक्ति का जीवन सफल हो जाएगा
परीक्षित महाराज के अनुसार भौतिक इन्द्रियतृप्ति के आकर्षण से बचने व दिव्य सुख में लीन रहने का एकमात्र उपाय क्या है? (अध्याय 80)
श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का अनेकानेक बार श्रवण
इन्द्रियतृप्ति द्वारा प्राप्त आनंद के सुख की खोज
इनमें से कौन व्यक्ति पूर्णरूपेण संतुष्ट न होने के कारण अंततः उदास ही रहते हैं? (अध्याय 80)
भौतिकतावादी
निराकार उपासक
साकार उपासक
अत्यंत उन्नत भक्त क्या सोचते हुए प्रत्येक जीवात्मा का आदर करता है? (अध्याय 80)
प्रत्येक शरीर श्रीभगवान का मंदिर है
प्रत्येक जीव श्रीभगवान है
प्रत्येक जीवात्मा परमात्मा ही है
मेरे आदर देने पर ही बदले में आदर मिलेगा
पूर्णज्ञान से युक्त व्यक्ति के क्या लक्षण व परिणाम हैं? (अध्याय 80)
व्यक्ति जीवन की भौतिक पद्धति से विरक्त नहीं होता है
सुखपूर्वक जीवन के लिए धन एकत्र करने में व्यस्त रहता है
भाग्य के अनुसार आई हुई आय से संतुष्ट रहता है
कृष्णभावनामृत के विकास में समय बर्बाद नहीं करता
श्रीकृष्ण के ब्राह्मण मित्र की पत्नी ने क्यों बार-बार उसे श्रीकृष्ण से मिलने का आग्रह किया? (अध्याय 80)
वह अपनी व्यक्तिगत सुविधा के लिए अत्यधिक उत्सुक थी
वह अपने पवित्र ब्राह्मण पति के लिए अत्यधिक चिंतित थी
श्रीकृष्ण के ब्राह्मण-मित्र की पत्नी के अनुसार भगवान् कैसे भक्त को अधिक भौतिक लाभ नहीं देते? (अध्याय 80)
जो भक्त अधिक दृढ़ नहीं है
जो भक्त भक्ति में पूर्णतया दृढ है
सुदामा को श्रीकृष्ण के महल में जाने से पहले कितने सैनिक शिविरों में विशाल द्वारों से होकर जाना पड़ा? (अध्याय 80)
1
2
3
4
सुदामा का दुर्बल, अस्वच्छ शरीर कैसा था? (अध्याय 80)
बहुत लम्बा और पतला
बहुत पतला पर मोटा
बहुत छोटा और पतला
बहुत छोटा पर मोटा
भगवान् श्रीकृष्ण ने सुदामा का आलिंगन उसी प्रकार किया जैसे वे ________ का आलिंगन करते हैं | (अध्याय 80)
देवी सत्यभामा
प्रद्युम्न
वसुदेव जी
बलराम जी
जब श्रीकृष्ण अपने मित्र सुदामा को अपनी शय्या पर बैठाकर स्वयं सभी प्रकार के फल तथा पेय पदार्थ लाये और पैर धोये व चन्दन, अगुरु का लेप किया, तब भाग्य की देवी रुक्मिणी जी क्या कर रही थी? (अध्याय 80)
चामर से पंखा करने लगी
पुनः पाँव धोने लगी
क्रोधित होकर महल से बाहर चली गयी
सुदामा से बचपन की बातचीत करने लगी
मानव समाज को गुण और कर्मों के आधार पर कितने वर्णों में विभाजित करना चाहिए? (अध्याय 80)
1
2
3
4
प्रामाणिक शिष्य के लिए अपने गुरु के ऋण से मुक्त होने की क्या विधि है? (अध्याय 80)
अपनी शारीरिक सुविधा का ध्यान रखे, पर गुरु के लिए कष्ट न उठाये
गुरुदेव की तुष्टि हेतु किसी भी प्रकार का कष्ट सहे
गुरुदेव की सेवा के हेतु ही अपना जीवन अर्पित न कर दे
आध्यात्मिक गुरु के प्रति एक प्रामाणिक शिष्य का क्या कर्तव्य है?
