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WorksheetsKṛṣṇa Book Practice Quiz (Chapter 63-64)
Total questions: 23
Worksheet time: 59mins
बाणासुर ने किस तरह अनिरुद्ध को बंदी बनाया था? (अध्याय 63)
ब्रह्मास्त्र
पाशुपतास्त्र
नागपाश
वरुणपाश
बाणासुर के साथ युद्ध में श्रीकृष्ण बलराम ने कितनी अक्षौहिणी सेना सहित शोणितपुर को घेर लिया? (अध्याय 63)
7
8
11
18
जब शिवजी श्रीकृष्ण से, प्रद्युम्न कार्तिकेय से, श्रीबलराम कुम्भाण्ड से युद्ध कर रहे थे, तो बाणासुर किससे युद्ध कर रहा था? (अध्याय 63)
अनिरुद्ध
वज्रनाभ
उग्रसेन
सात्यकि
भूतनाथ शिवजी की सेवा करने वाले अत्यंत शक्तिशाली ब्रह्मराक्षस कौन होते हैं? (अध्याय 63)
वे राक्षस, जो ब्राह्मणों को खाते हैं
वे ब्राह्मण, जो भूत बन जाते हैं
शिवजी के सभी ब्रह्मास्त्र, वायु अस्त्र, अंधड़ अस्त्र, अग्नि अस्त्र और पाशुपत-अस्त्र को भी सरलता से काटने के बाद फिर श्रीकृष्ण ने कौन सा अस्त्र चलाया जिससे शत्रु पक्ष भ्रमित हो जाता है और युद्ध करना बंद कर देता है? (अध्याय 63)
हास्य-अस्त्र
रुदन-अस्त्र
जम्भाई-अस्त्र
वमन-अस्त्र
बाणासुर ने श्रीकृष्ण से युद्ध करते हुए 500 हाथों में 500 धनुषों द्वारा बाकी प्रत्येक हाथ से कितने-कितने तीर चलाये? (अध्याय 63)
1
2
3
4
अपने पुत्र के समान उपासक, बाणासुर के प्राण संकट में देखकर कौन सी देवी श्रीकृष्ण के सम्मुख निर्वस्त्र आ खड़ी हुई? (अध्याय 63)
लक्ष्मी
कोटरा
हीरा
वाक्
शिवजी का सबसे शक्तिशाली अस्त्र जो सृष्टि के प्रलय में प्रयोग होता है, मूर्तिमान शिवज्वर कितने सिर व पैर वाला था, जिसने अंततः अतिशीत वाले नारायण अस्त्र से परास्त होकर श्रीकृष्ण की शरण स्वीकार की? (अध्याय 63)
3
4
7
11
जिसे ब्रह्मा या महादेव शिवजी का वरदान प्राप्त है, यही नहीं जिसकी रक्षा स्वयं शिवजी करते हैं, उसका कोई वध नहीं कर सकता | (अध्याय 63)
सही
गलत
शिवज्वर की स्तुति से प्रसन्न होकर भगवान् श्रीकृष्ण ने भविष्य में भी शिवज्वर तथा नारायणज्वर के युद्ध को स्मरण करने वाले को क्या वरदान दिया? (अध्याय 63)
वह समस्त धन से मुक्त हो जाएगा
वह समस्त यश से मुक्त हो जाएगा
वह समस्त जीवन से मुक्त हो जाएगा
वह समस्त भय से मुक्त हो जाएगा
बाणासुर संग्राम में कितने प्रमुख योद्धाओं ने श्रीकृष्ण की स्तुति की और उन्हें प्रणाम किया? (अध्याय 63)
1
2
3
4
श्रीकृष्ण ने साम्ब, प्रद्युम्न, चारभानु, गद के निवेदन पर किस हाथ से विशाल छिपकली को कुँए से बाहर निकाला? (अध्याय 64)
दायां
बायां
छिपकली के रूप से मुक्त होकर, अपने मुकुट से धरती का स्पर्श करके श्रीकृष्ण को प्रणाम करते हुए, सूर्य के समान प्रकाशमान राजा नृग किसके पुत्र थे? (अध्याय 64)
विवस्वान
वैवस्वत
इक्ष्वाकु
चाक्षुष
अत्यंत दानी राजा नृग ने अपने पूर्व इतिहास में कितनी गायें दान की थी? (अध्याय 64)
कंस के भाइयों जितनी
जरासंध के सैनिकों जितनी
कुरुक्षेत्र में मारे गए योद्धाओं जितनी
आकाश के नक्षत्रों जितनी
राजा नृग के उदाहरण से बताइये कि कौन से कर्म शाश्वत आनंदमय जीवन प्रदान कर सकते हैं? (अध्याय 64)
पुण्यकर्म
पापकर्म
पुण्य या पापकर्म दोनों
पुण्य या पापकर्म दोनों में से कोई नहीं
राजा नृग ने क्या-क्या पुण्यकार्य किये थे जिसके बावजूद एक गलती के कारण उन्हें छिपकली बनना पड़ा था? (अध्याय 64)
दुधारू गायों को प्रथम कोटियों के ब्राह्मणों में वितरित किया
भूमि, स्वर्ण, गृह, घोड़े तथा हाथी भी भेंट किये
अविवाहित ब्राह्मणों को पत्नियां, अन्न, वस्त्र, रत्न, रथ दिए
कुँए खुदवाये, वृक्षारोपण किया, जलाशय बनवाये
राजा नृग के उदाहरण से बताइये कि जो लोग परमभगवान की उपासना के द्वारा भौतिक ऐश्वर्य की इच्छा करते हैं, उनका क्या परिणाम होता है? (अध्याय 64)
उन्हें तुरंत भगवान् जैसा आध्यात्मिक शरीर दिया जाता है
ये सदैव श्रीभगवान का प्रत्यक्ष दर्शन कर सकते हैं
वे तुरंत वैकुण्ठ लोक में प्रवेश के अधिकारी होते हैं
भक्त बने रहने पर उन्हें वैकुण्ठ में प्रवेश का फिर अवसर मिलेगा
भगवान् श्रीकृष्ण की स्तुति करने के बाद राजा नृग को लेने के लिए कहाँ का विमान आया? (अध्याय 64)
वैकुण्ठलोक
स्वर्गलोक
ब्रह्मलोक
यमलोक
नर्कलोक
पूर्वजन्म का स्मरण रखने वाला व्यक्ति __________ कहलाता है | (अध्याय 64)
श्रुतिधर
आशुकवि
जातिस्मर
विदूषक
प्राचीन काल में ब्राह्मण यज्ञ की अग्नि को कैसे जलाते थे? (अध्याय 64)
दियासलाई से
राग मल्हार से
अरणी मंत्रोच्चारण से
आँखों से
ब्राह्मण की संपत्ति का स्पर्शकरने, बलपूर्वक छीनने, अपने लिए प्रयोग करने का क्या परिणाम होता है? (अध्याय 64)
विषपान या ज्वलंत अग्नि से भी अधिक संकटपूर्ण
अगली पिछली पीढ़ियों का सर्वनाश
परिवारजनों सहित कुम्भीपाक नर्क का मार्ग प्रशस्त
60000 वर्षों तक मल के कृमि का जीवन, फिर सर्प शरीर
भगवान् श्रीकृष्ण के अनुसार क्या करना चाहिए यदि एक ब्राह्मण क्रुद्ध हो जाता है, गाली देता है या मर्मभेदी बात कहता है? (अध्याय 64)
तनिक भी सहन न करते हुए मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए
तुरंत विरोध प्रकट करते हुए उसपर क्रोध करना चाहिए
मुस्कुराकर उसकी बात को सहन करना चाहिए
भगवान् उसे दिन में तीन बार प्रणाम कर सकते हैं पर मैं नहीं
राजा नृग के कर्मकाण्डीय कार्यों और बाणासुर की देवोपासना के फलों से सीख लेते हुए आप क्या मार्ग अपनाना चाहेंगे? कारण भी बताएं |
