wayground logo

Free Printable Worksheets

Font size

S
M
L
XL
Worksheets

Bhagavad Gita As It Is DAY-53 (13.33-35, 14.1-7)

Total questions: 25

Worksheet time: 2hrs 15mins

Name
Class
Date
1.

जीव कैसे विभिन्न प्रकार के शरीरों में स्थित होकर भी अपनी सूक्ष्म प्रकृति के कारण उनसे पृथक बना रहता है? (13.33)

a)

जैसे वायु जल, कीचड़, मल तथा अन्य वस्तुओं में प्रवेश करती है, फिर भी वह किसी वस्तु से लिप्त नहीं होती

b)

जिस प्रकार यद्यपि आकाश सर्वव्यापी है, किन्तु अपनी सूक्ष्म प्रकृति के कारण, किसी वस्तु से लिप्त नहीं होता

2.

परमात्मा समस्त शरीरों में किस प्रकार स्थित है? (13.34)

a)

आत्मा का शत्रु

b)

आत्मा का सखा

c)

आत्मा का दास

d)

आत्मा का क्रूर स्वामी

3.

क्या प्रमाण है कि शरीर के भीतर आत्मा रहता है? (13.34)

a)

जब शरीर में आत्मा उपस्थित है, तो सारे शरीर में चेतना रहती है, किन्तु ज्योंही शरीर से आत्मा चला जाता है त्योंही चेतना लुप्त हो जाती है

b)

जब शरीर से आत्मा चला जाता है, तो सारे शरीर में चेतना आ जाती है, किन्तु ज्योंही शरीर में आत्मा उपस्थित होता है त्योंही चेतना लुप्त हो जाती है

4.

आत्मा का सूक्ष्म रूप कण शरीर के हृदय में स्थित रहकर चेतना द्वारा शरीर को आलोकित करता है - इसके लिए भगवान् ने क्या उदाहरण दिया है? (13.34)

a)

जिस प्रकार सूर्य अकेले इस सारे ब्रह्माण्ड को प्रकाशित करता है

b)

जिस प्रकार भौतिक काम हृदय में स्थित रहकर पूरे शरीर को क्रियान्वित रखता है

5.

परमचेतना तथा व्यष्टि-चेतना में क्या अन्तर है? (13.34)

a)

एक शरीर की व्यष्टि चेतना दूसरे शरीर से सम्बन्धित नहीं होती

b)

परमात्मा, परमचेतना रूप में, समस्त शरीरों के प्रति सचेष्ट रहते हैं

c)

परमचेतना तथा व्यष्टि-चेतना गुणात्मक रूप से भिन्न हैं

6.

चेतना के विषय में क्या सही है? (13.34)

a)

चेतना पदार्थ के संयोग से नहीं बनी होती

b)

चेतना पदार्थ के संयोग से उत्पन्न होती है

c)

चेतना जीव का लक्षण है

d)

चेतना ही आत्मा का प्रमाण है

7.

शरीर तथा शरीर के ज्ञाता के अन्तर को देखने के लिए भगवान् कृष्ण किन चक्षुओं की संस्तुति करते हैं? (13.35)

a)

ज्ञानचक्षुषा

b)

चर्मचक्षुषा

c)

मनचक्षुषा

d)

भ्रमचक्षुषा

e)

कामचक्षुषा

8.

वैकुण्ठ-लोक जाने का अधिकारी बनने के लिए क्या आवश्यक है? (13.35)

a)

ईश्वर का श्रवण करने के लिए सत्संगति करे, और धीरे-धीरे प्रबुद्ध बने

b)

गुरु के उपदेशों से पदार्थ तथा आत्मा के अन्तर को समझे और देहात्मबुद्धि से मुक्त हो

c)

आत्मा को भौतिक जगत के चौबीस तत्त्वों में से एक माने और परमात्मा के साथ घुलकर एक हो जाए

9.

विनयपूर्वक ज्ञान का विकास करते हुए क्या क्या लाभ जिसे भूतकाल में अनेक मुनियों ने भी प्राप्त किया है? (14.1)

a)

भवबन्धन से छूटा जा सकता है

b)

भक्ति का ज्ञान हो जाएगा

c)

परम सिद्धि प्राप्त होगी

d)

वैकुण्ठलोक के भागी बन सकते हैं

10.

पूर्ण दिव्य ज्ञान प्राप्त कर लेने के बाद मनुष्य का क्या होता है? (14.2)

a)

भगवान् से गुणात्मक समता प्राप्त कर लेता है

b)

जन्म-मरण के चक्र से मुक्त हो जाता है

c)

जीवात्मा के रूप में उसका स्वरूप समाप्त हो जाता है

11.

भौतिक स्वरूप के कार्यकलापों से मुक्त होने पर मुक्तात्माओं का क्या होता है? (14.2)

a)

अपना निजी स्वरूप समाप्त हो जाता है

b)

आध्यात्मिक पहचान बिना किसी विविधता के निराकार हो जाती है

c)

मनुष्य को आध्यात्मिक रूप प्राप्त हो जाता है

12.

आध्यात्मिक जगत् के विषय में क्या सही है? (14.2)

a)

आध्यात्मिक जगत् इस भौतिक जगत् की विविधता से उल्टा है, विविधताहीन है

b)

जिस प्रकार इस संसार में विविधता है, उसी प्रकार आध्यात्मिक जगत में भी है

c)

आध्यात्मिक जगत् के सारे कार्यकलाप आध्यात्मिक होते हैं, यह भक्तिमय जीवन है

13.

समस्त आध्यात्मिक गुण उत्पन्न करने का क्या परिणाम होता है? (14.2)

a)

भौतिक जगत् के सृजन या उसके विनाश से प्रभावित नहीं होता

b)

प्रकृति के तीन गुणों द्वारा अदूषित दिव्य ज्ञान प्राप्त करता है

c)

गुणों की दृष्टि से परमेश्वर के समकक्ष होता है

14.

भौतिक कारण की समग्र वस्तु, जिसमें प्रकृति के तीनों गुण रहते हैं, क्या कहलाती है, जिसको भगवान् गर्भस्त करते हैं और जिससे समस्त जीवों का जन्म होता है? (14.3)

a)

महत्-तत्त्व

b)

ब्रह्म

c)

महद् ब्रह्म

d)

परब्रह्म

15.

संसार में जो कुछ घटित होता है वह क्षेत्र (शरीर) तथा क्षेत्रज्ञ (आत्मा) के संयोग से होता है, लेकिन यह संयोग कैसे होता है? (14.3)

a)

भगवान् की इच्छा से

b)

भगवान् की इच्छा के विरुद्ध

16.

भौतिक प्रकृति जीवों के जन्म का कारण नहीं होती, बीज भगवान् द्वारा प्रदत्त होता है और वे प्रकृति से उत्पन्न होते प्रतीत होते हैं - इसके लिए प्रभुपाद क्या उदाहरण देते हैं? (14.3)

a)

बिच्छू धान से उत्पन्न हुई लगती है, लेकिन धान बिच्छू के जन्म का कारण नहीं, वास्तव में अंडे माता बिच्छू ने दिए थे

b)

सूर्य बादलों के बीच से उगता हुआ दिखाई देता है पर बादल सूर्य का स्त्रोत नहीं हैं बल्कि सूर्य बादलों की उत्पत्ति का कारण है

17.

अपने पूर्वकर्मों के अनुसार विविध रूपों में, प्रत्येक लोक में प्रकट होने वाले जीवों के विषय में क्या सही है? (14.4)

a)

सारे जीव माता भौतिक प्रकृति तथा बीजप्रदाता कृष्ण के द्वारा प्रकट होते हैं

b)

सारे जीव भौतिक प्रकृति तथा आध्यात्मिक प्रकृति के संयोग हैं

c)

जीव सर्वत्र हैं – पृथ्वी, जल तथा अग्नि के भीतर भी जीव हैं

18.

भौतिक प्रकृति कितने गुणों से युक्त है? (14.5)

a)

2

b)

3

c)

5

d)

8

19.

दिव्य शाश्वत जीव, जिसे भौतिक प्रकृति से कुछ भी लेना-देना नहीं है, किस प्रकार प्रकृति के तीनों गुणों के जादू से वशीभूत होकर कार्य करता है, जो उसके सुख-दुःख का कारण है? (14.5)

a)

प्रकृति द्वारा भिन्न-भिन्न प्रकार के शरीर मिलने से

b)

प्रकृति के संसर्ग में आने से

c)

भौतिक जगत् द्वारा बद्ध हो जाने के कारण

20.

सतोगुण विकसित करने का क्या लाभ होता है? (14.6)

a)

अन्य बद्धजीवों की तुलना में अधिक चतुर

b)

भौतिक कष्ट उतना पीड़ित नहीं करते

c)

भौतिक ज्ञान की प्रगति करने की सूझ

d)

सारे पाप कर्मों से मुक्त करने वाला

e)

सुख का अधिकाधिक अनुभव

21.

जब सतोगुण में इतने लाभ हैं तो कठिनाई क्या है? (14.6)

a)

अपने ज्ञान का गर्व रहता है

b)

अधिक सुख का भाव प्रकृति के गुणों से बाँध देता है

c)

बारम्बार जन्म-मृत्यु के उन्हीं दोषों में बँधते रहते हैं

d)

वैकुण्ठलोक जाने की कोई सम्भावना नहीं रह जाती

22.

रजोगुणी व्यक्ति क्या चाहता है? (14.7)

a)

पुरुष तथा स्त्री का पारस्परिक आकर्षण

b)

भोग के लिए लालायित होकर इन्द्रियतृप्ति चाहता है

c)

समाज में या राष्ट्र में सम्मान चाहता है

d)

सुन्दर सन्तान, स्त्री तथा घर सहित सुखी परिवार चाहता है

23.

रजोगुणी व्यक्ति को क्यों कठिन श्रम करना पड़ता है? (14.7)

a)

स्त्री, पुत्रों तथा समाज को प्रसन्न करने के लिए

b)

अपनी प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए

c)

भगवान् की प्रसन्नता के लिए

24.

आधुनिक सभ्यता में रजोगुण का मानदण्ड ऊँचा है पर प्राचीन काल में किसको उच्च अवस्था माना जाता था? (14.7)

a)

सतोगुण

b)

रजोगुण

c)

तमोगुण

25.

भक्तिपथ का साधक सतोगुण तक उठने का प्रयास करता है किन्तु आपको किन बातों पर ध्यान देना होगा कि कहीं सतोगुण के कारण ही इस संसार में बद्ध न हो जाएँ?

4 lines