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Worksheetsमनुष्यता
Total questions: 45
Worksheet time: 23mins
मनुष्यता कविता में कवि ने किन महान व्यक्तियों के उदाहरण धारण दिए हैं ?
कुंती पुत्र कर्ण
राजा रंतिदेव
महर्षि दधीचि
उपर्युक्त सभी
ब्राह्मण के वेश में आए देवराज इंद्र को कर्ण ने क्या दान दे दिया ?
अपना रक्षा कवच
अपने गले की माला
अपना मुकुट
अपनी तलवार
कवि ने किसे पशु के समान नहीं माना है ?
जो झूठी प्रशंसा करें
जो बड़ों को सम्मान ना दे
जो दूसरों के काम आता है
जो केवल अपनी भलाई सोचता है
महात्मा बुदध अपनी कौन- सी भावना के कारण संसार में प्रसिद्ध हुए ?
धनी होने के कारण
रक्षा भाव
दया भाव
सत्यवादी होने के कारण
महाविभूति किसे कहा गया है ?
अहंकार को
दानशीलता को
मानवता को
सहानुभूति को
कवि ने भाग्यहीन किसे कहा है ?
जो उच्चता का भाव रखें
जो धैर्य नहीं रखता
जो डरता रहता है
जो मदांध है
स्वयंभू पिता का क्या तात्पर्य है ?
स्वयं को पिता मानने वाला
घर का मुखिया
स्वयं का पोषण करने वाला
परमपिता परमेश्वर
हमें किस बात पर गर्व नहीं करना चाहिए ?
धनी होने पर
सगे संबंधियों के साथ होने पर
समर्थ होने पर
उन्नति करने में सक्षम होने पर
सच्चा मनुष्य कौन है ?
जो दूसरों पर प्राण न्योछावर करें
जो अभीष्ट मार्ग में आगे बढ़ता रहे
जो तरक्की करें
जो दूसरों की बड़ाई करें
राजा शिवि किसकी रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने के लिए तैयार हो गए ?
मोर की
कबूतर की
बाज की
हंस की
कवि ने राजा कवि ने दधीचि और राजा रंतिदेव के उदाहरणों द्वारा हमें किस बात की प्रेरणा दी है ?
स्वार्थ पूर्ति
त्याग व परोपकार
स्वास्थ्य रक्षा
प्रेम की
अनंत अंतरिक्ष में खड़े देव अपनी बाहें क्यों बढ़ा रहे हैं ?
मदद के लिए
स्वास्थ्य दान के लिए
समृद्धि के लिए
मार्गदर्शन के लिए
मर्त्य शब्द का क्या अर्थ है ?
असुर
मरणशील
सुर
यमराज
मनुष्यता कविता के कवि का नाम लिखिए ।
सियाराम शरण गुप्त
रवींद्रनाथ टैगोर
मैथिलीशरण गुप्त
लीलाधर मंडलोई
उदार व्यक्ति की पहचान कैसे हो सकती है?
परोपकारी होता है
दूसरों की चिंता करता है
लोक कल्याण के लिए अपना जीवन त्याग देता है।
उपर्युक्त सभी
' मनुष्य मात्र बन्धु है ' से आप क्या समझते हैं ?
हम सब मनुष्य भाई - बन्धु हैं
दुनिया में कोई भी अनाथ नहीं है
मनुष्य परोपकार की राह को चुनता है
परोपकार ही सच्ची मनुष्यता
कवि ने सबको एक होकर चलने की प्रेरणा क्यों दी है ?
महानता के कारण
दूसरों के दुखों की चिंता
सबका कल्याण और समृद्धि संभव
व्यक्ति भाग्यहीन है
कवि ने मनुष्यता के लिए क्या सन्देश दिया है ?
परोपकार और अच्छे कर्म ही मनुष्यता की पहचान है
अपना भला करना मनुष्य का काम है
अपनों का ध्यान रखना मनुष्य का काम है
ईश्वर का स्मरण करने का
कवि ने सब को एक होकर चलने को क्यों कहा है ?
कल्याण और समृद्धि के लिए
आपसी समझ न बिगाड़ने के लिए
भेदभाव न हो
सभी
कौन बहुत दयावान है ?
ईश्वर
राजा शिबि
महात्मा बुद्ध
परोपकारी लोग
कवि के अनुसार महात्मा बुद्ध को क्यों आज भी लोग याद करते हैं ?
क्योंकि वे भगवान् हैं
क्योंकि वे महान हुए
क्योंकि उन्होंने राज पाठ छोड़ दिया था
उनके दयालु भाव के कारण
देवता किन्हें गोद में लेंगे
फूलों को
तारों को
बुरे लोगों को
परोपकारी को
हमें किन बातों का घमंड नहीं करना चाहिए
संपत्ति का
यश का
अपनों का
सभी का
रंतिदेव ने कब आखिरी भोजन की थाली दान मेंं दे दी
बातें करते हुए
जब शादी में थे
कविता लिखते हुए
जब वे भूख से व्याकुल थे
महाविभूति का क्या अर्थ है
बहुत बड़ा सागर
बहुत बड़ा धन
बहुत बड़ा व्यक्ति
देश का राजा
सहानुभूति चाहिए, महाविभूति है यही का क्या भाव है
दया और करूणा का भाव सबसे बड़ा धन है
धन ही सबसे बड़ा है
दया नहीं करनी चाहिए
दौलत
मनुष्य मात्र बंधु है से कवि का क्या भाव है
हम सब एक ईश्वर की संतान भाई बंधु हैं
हम सब एक हैं
ईश्वर एक है
सभी
कविने किसकी मृत्यु को सुमृत्यु कहा है
परोपकारी व्यक्ति की
पढ़े लिखे व्यक्ति की
अमीर व्यक्ति की
ज्ञानी की
कवि ने स्वंयभू किसे कहा है
ईश्वर को
मनुष्य को
समाज को
राष्ट्र को
अपंक से तात्पर्य
कीचड़ रहित
कमल
कीचड़ सहित
कीचड़
जो केवल अपने लिए जीते हैं उन्हें कवि ने क्या कहा है
श्रेष्ठ मानव
महान मनुष्य
उदार मनुष्य
पशु तुल्य
राजा ऊंशीनर ने क्या दान दिया था
धन
वस्त्र
नेत्र
स्वमास
करन ने किसे दान दिया था
भगवान गणेश
भगवान शंकर
भगवान इंद्र
भगवान विष्णु
उदार व्यक्ति की कथा कौन बखानती हैं
सरस्वती
लक्ष्मी
दुर्गा
भगवान गणेश
दया का प्रवाह किसने बहाया
भगवान विष्णु
भगवान कार्तिकेय
भगवान शंकर
भगवान बुद्ध
हमारे वेद किस बात का प्रमाण देते हैं
मित्रता भाव
बंधुत्व भाव
पितृत्व भाव
सहनशील भाव
किस के अनुरूप बाहय़ भेद किए गए हैं
मृत्यु
कर्म
उदारता
संपत्ति
मानवीय गुणों का विकास कैसे संभव है ?
दूसरों को अपना समझना
दूसरों को तुच्छ समझना
दूसरों को पशु समझना
दूसरों पर अत्याचार करना
कविता के अनुसार सरस्वती कौन हैं ?
साहित्य -ग्रन्थ
गुरु ग्रन्थ
एक नाम
ग्रन्थ
किसकी सजीव यशगाथा गूँजती है ?
जो अपने लिए जीता
जो अपने लिए न जिए
सारे संसार के लिए जीता मरता
कोई भी नहीं
किसने अपनी हड्डियों को भी परोपकार के लिए दे दिया था?
कर्ण
दधीचि
स्वयंभू पिता को क्या कहा गया है?
पुराणपुरूष
महापुरुष
सभी को क्या करते चलो?
तारते
सराहते
परार्थ का आशय है -
परंतु
दूसरों के लिए
उन्नति के लिए
परायों के लिए
कवि ने धन को तुच्छ क्यों माना है
अभिमान के कारण
स्थायी होता है
सनाथ समझने के लिए
अस्थिरता के कारण
