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Worksheets73.श्रीमद्भगवद्गीता यथारूप_प्रश्नोत्तरी श्रृंखला_18.12 -18.22
Total questions: 39
Worksheet time: 39mins
कृप्या यहाँ पर नाम लिखे ?
कृप्या यहाँ पर पता लिखे ?
कृप्या यहाँ पर फोन नो. लिखे ?
कृप्या यहाँ पर अपनी आयु लिखे ?
अधिष्ठानम् शब्द किसे प्रतिबोधित करता है
विभिन्न इन्द्रियाँ
कर्ता
शरीर
परमात्मा
कर्म के कारण की व्याख्या करते हुए भगवान द्वारा कर्ता के रूप में किसे संदर्भित किया जा रहा है?
आत्मा
परमात्मा
प्रकृति
प्रकृति के 3 गुण
जो पूर्ण ____________ हैं, वे अन्ततः अपने कर्मों के लिए उत्तरदायी नहीं होते?
स्वतंत्र
कृष्णभावनामय
नास्तिक
ज्ञानी
कर्मों का संचालन का प्रमुख कारण कौन है?
विभिन्न इन्द्रियाँ
कर्ता
परमात्मा
चेष्टा
भगवान् अर्जुन को बताते हैं कि उसके युद्ध न करने की इच्छा _____ से उत्पन्न होई है?
परोपकार
अहंकार
कृष्णभवनमय
प्रेम
अर्जुन ने कृष्णभावनामय होकर युद्ध किया और वध किया। उसे इस्का फल कब भोगना पड़ा?
अगले जन्म में
उस जन्म में कुछ सालो बाद
क्योकी उसने वध कृष्णा के निरदेश अनुसार किया, उसे इस्का फल नहीं भोगना पड़ा
हम इसपर कोई टिपणी नहीं कर सकते
अर्जुन ने युद्ध ना करने का निर्णय लिया क्यूंकि वह ?
भगवान का भक्त था
क्युकी वे परम ज्ञानी था
स्वयं को कर्ता मान बैठा था
वह भविष्य देख सकता था
कर्म को प्रेरणा देने वाले 3 कारण क्या है?
ज्ञान, ज्ञेय तथा ज्ञाता
इन्द्रियाँ , कर्म तथा कर्ता
ज्ञान, कर्म तथा कर्ता
इन्द्रियाँ , ज्ञेय तथा ज्ञाता
कौन ज्ञान, कर्म, कर्ता में भेद का कारण है?
प्रकृति के तीन गुण
आध्यात्मिक प्रयास
भौतिक सुख
परमात्मा
प्रकृति के सभी गुणों को क्या बताया गया है?
मुक्ति प्रदायक
बन्धनकारी
ज्ञान कारी
परोपकारी
आलस्य तथा प्रमाद का कारण क्या है?
रजोगुण
सतोगुण
तमोगुण
गीता में कोई व्याख्या नहीं दी गई है
कोन से गुण के अंतरगत जीव मुक्त माना जाता है?
सतोगुण
रजोगुण
तमोगुण
प्रकृति के सारे गुण मुक्ति के साधन नहीं हैं
गीता के कोन से अध्याय में विभन्न प्रकार के मनुष्यों द्वारा विभिन्न गुणों में रहकर की जाने वाली विभिन्न प्रकार की पूजा का वर्णन किया गया?
17
16
15
18
जीवनी शक्ति को प्रत्येक शरीर में देखना _____ दर्शन है?
तामसिक
रजोगुणी
सात्त्विक
मानसिक
जिस ज्ञान से कोई मनुष्य विभिन्न शरीरों में भिन्न-भिन्न प्रकार का जीव देखता है, ऐसा ज्ञान क्या कहलाता है?
राजसी
तामसी
सात्विक
शुद्ध सात्विक
इस शरीर के परे कोई विशेष जीवात्मा या परम आत्मा नहीं है. क्या गीता का यही निश्कर्ष है?
हां, गीता का यही निश्कर्ष है
नहीं, ये जीव रजोगुण से प्रेरित हो कर सोचता है
अप्रत्यक्ष रूप से गीता यही बताती है
हम इस पर टिप्पणी नहीं कर सकते
सामान्य मनुष्य का 'ज्ञान' सदैव _______होता है, क्योंकि प्रत्येक बद्धजीव _______में ही उत्पन्न होता है?
तामसी, तमोगुण
सात्विक, सतोगुण
राजसिक, रजोगुण
शुद्ध सतोगुणी, कृष्णभवनमय:
इस शरीर से परे आत्मा सम्बन्धी ज्ञान _______ ज्ञान कहलाता है ?
राजसिक
सात्विक
तामसिक
भौतिक
निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प कर्म की पूर्ति का कारण नहीं है ?
विभिन्न इंद्रियाँ
परमात्मा
चेष्टा
कर्तव्य
भगवान कृष्ण निम्नलिखित में कौन से शास्त्र का उल्लेख अपने उपदेश की पुष्टि करने के लिए देते हैं ?
श्रीमद् भागवत पुराण
चारों वेद
वेदांत सूत्र
उपरोक्त में से कोई नहीं क्यूँकि कृष्ण सभी शास्त्रों से ऊपर हैं
कर्म के पाँच कारणों में मूल कारण क्या है ?
परमेश्वर/परमात्मा
इच्छा
शरीर
इंद्रियाँ
एक कृष्ण भावना भावित व्यक्ति कर्म करता हुआ भी कभी क्यों कर्म फल में नहीं बंधता ?
क्योंकि ऐसा साधक अंतर्यामी परमात्मा के निर्देश के अंतर्गत कृष्ण भावनामय होकर कर्म करता है
क्योंकि ऐसे साधक अपने कर्म फलों को अपनी भक्ति के बल पर नष्ट कर देता है
क्योंकि ऐसा शायद ब्रह्म के स्तर पर कर्म करता है
उपरोक्त सभी
कोई भी व्यक्ति निम्न लिखित विकल्प में से किस से कार्य करता है ?
मन
शरीर
वाणी
उपरोक्त सभी
परमेश्वर किस प्रकार से व्यक्ति के कर्मों का मूल कारण है?
परमेश्वर व्यक्ति को उसके पूर्व कर्मों/वृत्ति का स्मरण करवाते हैं
परमेश्वर व्यक्ति को विस्मरण करवाते हैं
परमेश्वर व्यक्ति को ज्ञान प्रदान करते हैं
उपरोक्त सभी
निम्न लिखित में से कौन से श्लोक में भगवान कृष्ण अर्जुन को बताते हैं कि वे परमात्मा रूप में प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में रहकर उसे स्मृति, ज्ञान तथा विस्मृति करवाते हैं?
15.15
16.16
17.17
18.18
सातवें अध्याय में वर्णन हुआ है कि शरीर में जीव की शक्ति की अभिव्यक्ति परमेश्वर कि …………के कारण होती है।?
परा प्रकृति
अपरा प्रकृति
तटस्था शक्ति
महामाया शक्ति
यह धारणा की भौतिक शरीर ही जीवन है और शरीर के भी नष्ट होने पर चेतना भी नष्ट हो जाती है,………… ज्ञान है।?
सात्विक
राजसी
तामसिक
मिश्रित
यह धारणा की पृथक आत्माएँ नहीं होती, एक सर्वव्यापी आत्मा है, जो ज्ञान से पूर्ण है और यह शरीर क्षणिक अज्ञानता का प्रकाश है, यह किस प्रकार का ज्ञान है ।?
सात्विक
राजसी
तामसी
मिश्रित
वह ज्ञान, जिससे मनुष्य किसी एक प्रकार के कार्य को, जो अति तुच्छ है, सब कुछ मानकर, सत्य को जाने बिना उसमें लिप्त रहता है, ………. ज्ञान कहा जाता है ।?
सात्विक
राजसी
तामसी
मिश्रित
सात्विक कर्ता में निम्नलिखित में से कौन कौन से गुण होते हैं?
आसक्ति से रहित
राग तथा द्वेष से रहित
नियमित
1 और 2
1,2 और 3
रजोगुणी कर्ता में निम्नलिखित में से कौन से गुण भगवान कृष्ण द्वारा नहीं बताए गए हैं ?
लोभी
अपवित्र
हठी
ईर्ष्यालु
दीर्घसूत्री अथवा आलसी कर्ता कौन से गुण के अधीन होता है ?
सतोगुण
रजोगुण
तमोगुण
2 और 3
जो बुद्धि धर्म तथा अधर्म, करणीय तथा अकरणीय में भेद नहीं कर पाती, वह ……..है।?
सात्विक
राजसी
तामसी
2 और 3
कौन सी बुद्धि सदैव शास्त्रों के विपरीत दिशा में कार्य करती है ?
सात्विक
राजसी
तामसी
2 और 3
वेदांत के अनुसार समस्त कर्मों की पूर्ति के लिए कितने कारण बताये है ?
5
6
4
2
