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WorksheetsBhagavad Gita As It Is DAY-46 (11.38-47)
Total questions: 22
Worksheet time: 2hrs 56mins
"परं निधानम्" का क्या अर्थ है? (11.38)
भगवान् कृष्ण का कभी निधन नहीं होता
ब्रह्म तेज समेत सारी वस्तुएँ भगवान् कृष्ण पर आश्रित हैं
भगवान् कृष्ण इस दृश्यजगत के परम आश्रय हैं
अर्जुन भगवान् को क्या-क्या कहकर सम्बोधित करता है? (11.39)
शशाङ्क:
वायुः
यमः
अग्निः
वरुणः
अर्जुन कृष्ण को प्रपितामह (परबाबा) कहकर सम्बोधित क्यों करता है? (11.39)
क्योंकि वे वज्रनाभ के पितामह के पिता हैं
क्योंकि वे विश्व के प्रथम जीव ब्रह्मा के पिता हैं
कृष्ण के प्रेम से अभिभूत उनका मित्र अर्जुन सभी दिशाओं से उनको नमस्कार करते हुए उनके विषय में क्या स्वीकार करता है? (11.40)
कृष्ण अनन्त पराक्रम के स्वामी हैं
कृष्ण सर्वव्यापी हैं, अतः कृष्ण सब कुछ हैं
कृष्ण समस्त बल तथा पराक्रम के स्वामी हैं
युद्धभूमि में एकत्र समस्त योद्धाओं से कहीं अधिक श्रेष्ठ हैं
अर्जुन कृष्ण को उनकी महिमा न जानने के कारण किये अपराधों के लिए क्या कहकर क्षमा मांगता है? (11.41-42)
हे कृष्ण
हे यादव
हे सखा
हे अच्युत
अर्जुन किन-किन अवसरों पर मूर्खतावश या प्रेमवश, भगवान् का अनादर करने के अपने अपराधों के लिए क्षमा मांगता है? (11.41-42)
आराम करते समय
एकसाथ लेटे हुए
साथ-साथ खाते या बैठे हुए
कभी अकेले
कभी अनेक मित्रोंके समक्ष
भक्त तथा भगवान् के बीच दिव्य प्रेम का आदान-प्रदान किस प्रकार का होता है? (11.41-42)
कृष्ण इतने कृपालु हैं कि इतने ऐश्वर्यमण्डित होने पर भी अर्जुन से मित्र की भूमिका निभाते रहे
अर्जुन विराट रूप का ऐश्वर्य देख चुका है, किन्तु वह कृष्ण के साथ अपनी मैत्री नहीं भूल सकता
भगवान् कृष्ण के शरीर तथा इन्द्रियों आदि के विषय में क्या सही है? (11.43)
उनके इन्द्रियों, शरीर, मन तथा स्वयं में कोई अन्तर नहीं है
कृष्ण अपने आत्मा, मन, हृदय आदि से भिन्न हैं
उनकी इन्द्रियाँ न तो सीमित हैं, न ही अपूर्ण हैं
आध्यात्मिक विषयों का गुरु या शिक्षक के प्रामाणिक होने के लिए क्या आवश्यक है? (11.43)
कृष्ण से प्रारम्भ होने वाली गुरु-परम्परा का वंशज होना चाहिए
कृष्ण का प्रतिनिधि होना चाहिए
पूर्ववर्ती गुरु से पारिवारिक सम्बन्ध होना चाहिए
भगवान् कृष्ण को आदि गुरु क्यों कहा गया है? (11.43)
क्योंकि सर्वप्रथम उन्हीं ने ब्रह्मा को वेदों का उपदेश दिया
इस समय अर्जुन को भगवद्गीता का उपदेश दे रहे हैं
क्योंकि वे अर्जुन के सम्बन्धी हैं
इनमें से क्या सही नहीं है? (11.43)
भगवान् कृष्ण से बढ़कर कोई नहीं है
भगवान् कृष्ण के समान कोई नहीं है
भगवान् कृष्ण से घटकर कोई नहीं है
कहाँ कहा गया है - केवल कृष्ण ईश्वर हैं, शेष सभी उनके दास हैं? (11.43)
न तस्य कार्यं करणं च विद्यते न तत्समश्चाभ्यधिकश्च दृश्यते (श्वेताश्वतर उपनिषद 6.8)
जन्म कर्म च मे दिव्यमेवं यो वेत्ति तत्त्वतः ।
त्यक्त्वा देहं पुनर्जन्म नैति मामेति सोऽर्जुन ।। (गीता 4.9)
एकले ईश्वर कृष्ण, आर सब भृत्य (चैतन्य चरितामृत आदि 5.142)
कौन से शब्द सूचित करते हैं कि अर्जुन भगवान् को दण्डवत प्रणाम करने को उद्यत है? (11.44)
तस्मात्प्रणम्य प्रणिधाय कायं
प्रसादये त्वामहमीशमीड्यम्
पितेव पुत्रस्य सखेव सख्यु:
प्रिय: प्रियायार्हसि देव सोढुम्
अर्जुन किस प्रकार भगवान् को अपनी त्रुटियों को सहन करने की प्रार्थना करता है? (11.44)
पिता अपने पुत्र की ढिठाई सहन करता है
मित्र अपने मित्र की घृष्टता सह लेता है
प्रिय अपनी प्रिया का अपराध सहन कर लेता है
साला अपने जीजा की मनमानी सह लेता है
भगवान् के विराटरूप के विषय में क्या सही है? (11.45)
भौतिक
आध्यात्मिक
नश्वर
शाश्वत
वैकुण्ठलोकों में भिन्न-भिन्न नामों से पुकारे जाने वाले नारायण के चारों हाथों में विभिन्न क्रमों में धारण किये चिह्न कौन-कौन से हैं? (11.45)
शंख
चक्र
गदा
तलवार
कमल
अर्जुन भगवान् के विराटरूप को देखकर भयभीत क्यों है? (11.45)
मृत्यु के भय के कारण
अपने सम्बन्धियों के भावी हश्र को देखकर
क्योंकि उसने अनन्य मैत्रीभाव के कारण कृष्ण के प्रति अनेक अपराध किये हैं
अर्जुन के वचनों से और शास्त्रों से क्या प्रमाण है कि कृष्ण सभी सभी विस्तारों और अवतारों का उद्गम हैं? (11.46)
अर्जुन को ज्ञात था कि कृष्ण ही आदि भगवान् हैं, जिन्होंने क्षणिक विश्वरूप धारण किया है और वह प्रार्थना करता है कि वे अपने नारायण नित्यरूप का दर्शन दें
श्रीमद्भागवत के कथन की निस्सन्देह पुष्टि होती है कि कृष्ण आदि भगवान् हैं और अन्य सारे रूप उन्हीं से प्रकट होते हैं (1.3.28)
कृष्ण को जानने वाला इस भौतिक संसार के समस्त कल्मष से ________ हो जाता है | (11.46)
मुक्त
युक्त
आसक्त
अनुरक्त
अर्जुन द्वारा देखा गया तेजोमय तथा ऐश्वर्यमय विश्वरूप पहले किस-किस ने देखा था? (11.47)
यशोदा माता ने कृष्ण के मुख में
यशोदा माता ने ब्रह्माण्ड घाट पर
दुर्योधन ने शान्तिदूत बने कृष्ण को बंदी बनाते हुए
किसी ने भी नहीं देखा था
भगवान् ने प्रसन्न होकर किस शक्ति के बल पर अपने परम विश्वरूप का दर्शन कराया है? (11.47)
अन्तरंगा
बहिरंगा
आवरणात्मिका
प्रक्षेपात्मिका
इन प्रश्नोत्तरीयों के द्वारा आपको अपने कृष्ण के साथ सम्बन्ध में क्या लाभ हो रहा है?
