
Chapter 14 महासागरीय जल संचलन
Authored by Manish Kumar
Geography
11th Grade
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1.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
कथनः जिन क्षेत्रों में गर्म व ठंडी जलधाराएँ मिलती हैं, वे संसार के प्रमुख मत्स्य क्षेत्र हैं।
कारणः गर्म व ठंडी जलधाराओं के मिलने वाले क्षेत्र का तापमान मछलियों के प्रजनन के लिये सर्वाधिक उपर्युक्त होता है।
कूटः
A
कथन सही है, कारण भी सही है तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
B
कथन सही है, कारण भी सही किन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
C
कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
D
कथन गलत है, लेकिन कारण सही है।
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः कथन सही है, लेकिन कारण गलत है। समुद्री क्षेत्रों में जहाँ गर्म व ठंडी जलधाराएँ मिलती हैं, वहाँ ऑक्सीजन की आपूर्ति प्लैंकटन (एक प्रकार की समुद्री घास) की बढ़ोतरी में सहायक होती है, जो मछलियों का प्रमुख भोजन है। संसार के प्रमुख मत्स्य क्षेत्र इन्हीं क्षेत्रों (जहाँ गर्म व ठंडी जलधाराएँ मिलती हैं) में पाए जाते हैं।
2.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
निम्नलिखित में से कौन-सी गर्म जलधाराएँ हैं? नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:
1. गल्फ स्ट्रीम
2. कनारी धारा
3. बैंगुला धारा
4. फॉकलैंड धारा
कूटः
A
केवल 1
B
केवल 2 और 3
C
केवल 3 और 4
D
केवल 1, 2 और 4
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः ऊपर दिये गए विकल्पों में केवल गल्फ स्ट्रीम गर्म जलधारा है, जबकि कनारी, बैंगुला और फॉकलैंड ठंडी जलधाराएँ हैं।
3.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
महासागरीय जलधाराओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
1. निम्न व मध्य अक्षांशीय क्षेत्रों में ठंडी जलधाराएँ महाद्वीपों के पश्चिमी तटों पर बहती हैं।
2. उत्तरी गोलार्द्ध में उच्च अक्षांशीय क्षेत्रों में ठंडी जलधाराएँ महाद्वीपों के पूर्वी तटों पर बहती हैं।
3. निम्न व मध्य अक्षांशीय क्षेत्रों में गर्म जलधाराएँ महाद्वीपों के पूर्वी तटों पर बहती हैं।
कूटः
A
केवल 1 और 2
B
केवल 2
C
केवल 1 और 3
D
1, 2 और 3
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः उपरोक्त सभी कथन सत्य हैं।
महासागरीय धाराओं को तापमान के आधार पर गर्म व ठंडी जलधाराओं में वर्गीकृत किया जाता है। ठंडी जलधाराएँ, ठंडे जल को गर्म जल क्षेत्रों में लाती हैं। ये महाद्वीपों के पश्चिमी तटों पर बहती हैं (ऐसा दोनों गोलार्द्ध में निम्न व मध्य अक्षांशीय क्षेत्रों में होता है) और उत्तरी गोलार्द्ध के उच्च अक्षांशीय क्षेत्रों में ये जलधाराएँ महाद्वीपों के पूर्वी तटों पर बहती हैं।
गर्म जलधाराएँ, गर्म जल को ठंडे जल क्षेत्रों में पहुँचाती हैं और प्रायः महाद्वीपों के पूर्वी तटों पर बहती हैं (दोनों गोलार्द्ध के निम्न व मध्य अक्षांशीय क्षेत्रों में) उत्तरी गोलार्द्ध में ये जलधाराएँ उच्च अक्षांशीय क्षेत्रों में महाद्वीपों के पश्चिमी तटों पर बहती हैं।
4.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. ज्वार-भाटा नौसंचालन की गतिविधियों में मददगार होते हैं।
2. ज्वार-भाटा तलछटों की गाद निकालने (Desiltation) में मदद करते हैं।
3. ज्वार-भाटे का उपयोग विद्युत शक्ति उत्पन्न करने में किया जाता है।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A
केवल 1
B
केवल 2 और 3
C
केवल 1 और 3
D
उपरोक्त सभी।
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः उपरोक्त सभी कथन सत्य हैं। चूँकि पृथ्वी, चंद्रमा व सूर्य की स्थिति ज्वार की उत्पत्ति का कारण है इसलिये इनकी स्थिति के सही ज्ञान से ज्वारों का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। यह नौसंचालकों व मछुआरों को उनके कार्य संबंधी योजनाओं में मदद करता है। नौसंचालन में ज्वारीय प्रवाह का अत्यधिक महत्त्व है। ज्वार की ऊँचाई बहुत अधिक महत्त्वपूर्ण है, खासकर नदियों के किनारे वाले बंदरगाहों पर एवं ज्वारनदमुख के भीतर, जहाँ प्रवेश द्वार पर छिछली रोधिकाएँ होते हैं, जो कि नौकाओं एवं जहाजों को बंदरगाह में प्रवेश करने से रोकती हैं। ज्वार-भाटा तलछटों के डीसिल्टेशन (Desiltation) में भी मदद करते हैं तथा ज्वारनदमुख से प्रदूषित जल को बाहर निकालने में भी मदद करती हैं। ज्वारों का इस्तेमाल विद्युत शक्ति (कनाडा, फ्राँस, रूस एवं चीन में) उत्पन्न करने में भी किया जाता है।
5.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
समुद्री सतहों पर वृहत् ज्वार आने का कारण है-
A
सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी तीनों का एक ही दिशा में होना।
B
सूर्य एवं चंद्रमा का एक-दूसरे के समकोण पर होना।
C
समुद्री तट का दंतुरित होना।
D
समुद्र की सतह पर उच्च वायु दाब का बनना।
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः
पृथ्वी के संदर्भ में सूर्य एवं चंद्रमा की स्थिति ज्वार की ऊँचाई को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है। जब तीनों एक सीधी रेखा में होते हैं, तब ज्वारीय उभार अधिकतम होता है, जिसको वृहत् ज्वार-भाटा कहा जाता है। ऐसा महीने में दो बार होता है- पहला पूर्णिमा के समय तथा दूसरा अमावस्या के समय।
सामान्यतः वृहत् ज्वार एवं निम्न ज्वार के बीच सात दिन का अंतर होता है। इस समय चंद्रमा एवं सूर्य एक-दूसरे के समकोण पर होते हैं तथा सूर्य एवं चंद्रमा के गुरुत्व बल एक-दूसरे के विरुद्ध कार्य करते हैं।
6.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
विश्व में सर्वाधिक ऊँचा ज्वार-भाटा कहाँ पर आता है?
A
खंभात की खाड़ी में।
B
फंडी की खाड़ी में।
C
एमंडसन की खाड़ी में।
D
अलास्का की खाड़ी में।
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः विश्व में सबसे ऊँचा ज्वार-भाटा कनाडा के नवास्कोशिया में स्थित फंडी की खाड़ी में आता है। ज्वारीय उभार की ऊँचाई 15 से 16 मीटर के बीच होती है क्योंकि वहाँ पर दो उच्च ज्वार एवं दो निम्न ज्वार प्रतिदिन (लगभग 24 घंटे) के अंदर आते हैं। अतः एक ज्वार 6 घंटे के भीतर ज़रूर आता है।
7.
MULTIPLE CHOICE QUESTION
30 sec • 1 pt
समुद्र जल में उठने वाले ज्वार-भाटाओं की उत्पत्ति किन बलों के कारण होती है?
1. चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण
2. सूर्य के गुरुत्वाकर्षण
3. कोरियॉलिस बल
4. अपकेंद्रीय बल
कूटः
A
केवल 1 और 2
B
केवल 1, 3 और 4
C
केवल 1, 2 और 4
D
उपरोक्त सभी।
A
B
C
D
Answer explanation
Explanation
व्याख्याः
समुद्र तल में उत्पन्न होने वाले ज्वार-भाटा चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण के कारण तथा कुछ हद तक सूर्य के गुरुत्वाकर्षण के कारण उत्पन्न होते हैं। ज्वार-भाटाओं की उत्पत्ति में दूसरा महत्त्वपूर्ण कारक, अपकेंद्रीय बल है, जो कि गुरुत्वाकर्षण को संतुलित करता है। गुरुत्वाकर्षण बल तथा अपकेंद्रीय बल दोनों मिलकर पृथ्वी पर दो महत्त्वपूर्ण ज्वार-भाटाओं को उत्पन्न करने के लिये उत्तरदायी हैं।
ज्वार-भाटाओं की उत्पत्ति का कोरियॉलिस बल से कोई संबंध नहीं है
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