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Worksheetsबालबोध पाठमाला भाग १ जीव अजीव २२०६२१
Total questions: 18
Worksheet time: 9mins
जीव किसे कहते है ?
जो जानता देखता है
जो सुख दुःख का अनुभव करता है
जो सुख दुःख का वेदन करता है
उपरोक्त सभी
अजीव किसे कहते है ?
जो जानता देखता नही है
जो सुख का अनुभव नही करता है
जो दुःख का अनुभव नही करता है
उपरोक्त सभी
जीव के साथ इनमे किन-किन वस्तुओ का सम्बन्ध नही है ?
सोना , चाँदी , रुपया
मकान , कार, मोबाइल
टीवी ,स्कूटर ,पंखा,लेपटॉप
इनमे से कोई नही
जीव के साथ साथ घुल मिल कर एक साथ रहने वाले शरीर आँख ,नाक कान आदि रूप अजीव को जीव क्यों कह दिया है
अहिंसात्मक आचरण की सिद्धि के लिए
संसारी जीव की पहचान करने के लिए
जीव दया का पालन करने के लिए
उपरोक्त सभी
सांसारिक अवस्था में जीव के साथ रहने वाले अजीव को भी जीव कह देने से क्या लाभ है ?
हिंसा से बचाने के लिए गाय , चींटी ,पक्षी ,मछली आदि अजीव सहित जीवो की जीव कह दिया है
जीव सहित अजीव शरीर को उपचार से जीव कह देने से ही हम जीव हिंसा और पाप से बचकर हमारा जीवन अहिंसामय हो जाता है
जीव तो अमुर्तिक है किन्तु अज्ञानी जीव सहित अजीव शरीर को भी पूर्णतया भस्म जेसा मानकर मसलने लगेगे
उपरोक्त सभी
क्या वास्तव में आँखे देखती है, कान सुनते है और शरीर सुख दुःख का अनुभव करता है ?
वास्तव में आँखे और कान शरीर के अंग है
न तो आखे देखती है और न कान सुनते है
न ही शरीर सुख दुःख का अनुभव करता है
वास्तव में आँखे कान और नाक आदि तो शरीर की खिडकिया है इनके माध्यम से देखने जानने वाला जीव तो भिन्न ही है
उपरोक्त सभी
आँखे देखती,कान सुनते और शरीर सुख दुःख का वेदन करता तो उससे क्या दिक्कत हो सकती थी ?
मुर्दे के भी आंख , कान और आँखे होती है तो उसे जीव मानना पड़ता
कठपुतलियो को भी जीव मानना पड़ता
खिलोनो में भी आंख ,कान,नाक होती है उन्हें भी जीव मानना पड़ता
उपरोक्त सभी
आँख,कान और नाक जीव नही है इसकी सिद्धि कैसे करे ?
स्वप्न में भी दिखाई देता है जब की आँखे बंद होती है ज्ञान अपना काम कर रहा है
कोरोना काल में कई लोगो को नाक से खुशबु बदबू नही आ रही थी जब की नाक तो है फिर सूंघने और जानने का काम क्यों नही हो रहा था !
कई बार बात करते हुए हम दोबारा पूछते है, क्यों की ज्ञान ने जाना ही नही जबकि कान तो मौजूद है
वास्तव में जानने देखने का काम तो चैतन्य मय जीव ही करता है
उपरोक्त सभी
जीव और अजीव को जानने से क्या लाभ है ?
अपने और पराये के साथ ज्ञान स्वभावी आत्मा की पहचान होती है
जीव की पहचान होती है
अजीव की पहचान होती है
इनमे से कोई नही
सांसारिक दुखो का मूल कारन क्या है इसका वर्णन दौलतरामजी ने किस ढाल में किया है ?
प्रथम ढाल
दूसरी ढाल
तीसरी ढाल
चोथी ढाल
तीन लोक जो नाज जू खाय, मिटे न भूख कणा न लहाय यह छंद किस ढाल का है ?
प्रथम
दूसरी
तीसरी
पांचवी
राजस्थान का एक अतिशय क्षेत्र का नाम ?
तिजारा
बडवानी
तारंगा
सिद्दवरकूट
मध्यप्रदेश का एक अतिशय क्षेत्र का नाम ?
बावनगजा
मुक्तागिरी
सिद्ध वर कूट
बनेडिया
इनमे से किसके पास ज्ञान है ?
टीवी
मोबाइल
गूगल
जीव
मोक्ष तत्त्व सम्बन्धी भूल क्या है ?
मोक्ष में सुख मानना
मोक्ष में शांति मानना
मोक्ष में सारी इच्छाओ का अभाव मानना
मोक्ष में सारी इच्छाओ की पूर्णता मानना
रूपया - पैसा हमें सुख देता है और अच्छा है - यह भूल है
जीव तत्त्व सम्बन्धी
अजीव तत्त्व सम्बन्धी
आस्रव तत्त्व सम्बन्धी
बंध तत्त्व सम्बन्धी
थकने पर सो जाना चाहिए - यह भूल है
बंध तत्त्व सम्बन्धी
संवर तत्त्व सम्बन्धी
निर्जरा तत्त्व सम्बन्धी
मोक्ष तत्त्व सम्बन्धी
जैन धर्म बहुत कठिन है - यह भूल है
आस्रव तत्त्व सम्बन्धी
निर्जरा तत्त्व सम्बन्धी
संवर तत्त्व सम्बन्धी
मोक्ष तत्त्व सम्बन्धी
